कुछ उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मध्यप्रदेश सरकार को कुछ ज्यादा ही लगाव है यही वजह है कि अन्य अधिकारियों की अनदेखी होती है तो हो जाये,उनके सम्मान को ठेस पहुंचती है तो पहुंचे लेकिन सरकार के चहेते अधिकारी उपकृत कर दिए जाते हैं। अब CS बसंत प्रताप को ही लीजिए उनके समकक्ष अधिकारी वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव को लम्बे समय से खुद के प्रमोशन का इंतजार है लेकिन बसंत सरकार बसंत प्रताप पर इस कदर महरबान है कि उनका कार्यकाल छह माह बढ़ा दिया गया अब खबर है कि इस सरकारी फरमान और अपनी अनदेखी से श्रीवास्तव नाराज हो गए है
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जो कुछ हुआ उसे एक तरह से स्ट्राइक का अनाउंसमेंट कहा जा सकता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा स्तर के अफसर आम कर्मचारियों की तरह हड़ताल नहीं करते। वो बस छुट्टी पर चले जाते हैं। मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह को मिल छह माह का एक्सटेंशन मामले में भी ऐसा ही हुआ। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव ने छुट्टी पर जाने की तैयारी कर ली है। शनिवार को उन्होंने दो फाइलों पर लिख दिया कि मैं छुट्टी पर जा रहा हूं। अब फाइलें मेरे सक्सेसर (उत्तराधिकारी) के पास ही ले जाएं। बता दें कि बसंत प्रताप सिंह के बाद मुख्य सचिव पद के लिए श्रीवास्तव सबसे प्रमुख दावेदार हैं, क्योंकि दोनों ही 1984 बैच के हैं। पहले भी टल गई थी श्रीवास्तव की नियुक्तिबीपी सिंह को छह माह का एक्सटेंशन मिलने के बाद इसी बैच की आईएएस अधिकारी व प्रशासन अकादमी की महानिदेशक कंचन जैन अगस्त में, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर विजय श्रीवास्तव अक्टूबर में रिटायर हो जाएंगे। इसी बैच के आलोक श्रीवास्तव भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, लेकिन उनके पास समय हैं। इसलिए अब एपी श्रीवास्तव प्रमुख दावेदार हुए। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि जब सिंह को मुख्य सचिव बनाया गया था, तब भी एपी श्रीवास्तव का नाम तेजी से उभरा था। तब श्रीवास्तव को यह आश्वासन दिया गया था कि सिंह का कार्यकाल पूरा होने के बाद उनपर विचार होगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और सिंह को एक्सटेंशन मिल गया। बहरहाल, अवकाश पर जाने को लेकर श्रीवास्तव से पूछा गया तो उन्होंने इस मसले पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया। इधर, कहा जा रहा है कि अपर मुख्य सचिव वित्त ने पारिवारिक कार्यक्रम काे आधार बताया है। यह भी इसमें जोड़ा है कि विधानसभा सत्र में अनुपूरक का काम हो गया है। इसलिए लंबी छुट्टी पर जा रहे हैैं।
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