विधायक टिकट ना मिल पाने के समय से कभी गरम तो कभी नरम रहने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक व भांडेर के पूर्व भाजपा विधायक घनश्याम पिरोनिया की याद आखिरकार शिवराज सरकार को आ ही गई। उन्हें आने वाले विधानसभा चुनाव में विधायकी का टिकट मिलेगा या नहीं यह तो अभी किसी को पता नहीं हां इतना जरूर है की घनश्याम पिरोनिया को सक्रिय रखने का रास्ता सरकार ने निकाल लिया है।
उन्हें प्रदेश में पहली बार गठित किए गए प्रदेश स्तरीय मध्यप्रदेश बांस शिल्प विकास बोर्ड का अध्यक्ष जरूर घोषित कर दिया गया है अभी या कहना जल्दबाजी होगी कि संघ के खाटी स्वयंसेवक रहे घनश्याम पिरोनिया इस नियुक्ति को लेकर कितने खुश हैं लेकिन इतना जरूर है की अब उन्हें प्रदेश की राजधानी भोपाल में शासन की गाड़ी बंगला व अन्य सुविधाओं का उपभोग करने का मौका सरकार ने उन्हें अवश्य दे दिया है ।
उल्लेखनीय है की मूलतः ग्वालियर के रहने वाले भाजपा नेता घनश्याम पिरोनिया भांडेर क्षेत्र में बड़े जनाधार वाले नेता माने जाते हैं। पिरोनिया ने 2013 से 2018 तक 5 साल भारतीय जनता पार्टी के दतिया जिले की भांडेर विधानसभा का नेतृत्व किया था। 2013 में भाजपा ने घनश्याम पिरोनिया का टिकट काट दिया था इसके बाद पिरोनिया के समर्थकों में खासा आक्रोश व्याप्त था, हालात ऐसे बने कि विधानसभा चुनाव में भाजपा को यहां से हार का मुंह देखना पड़ा इसके बाद 18 सीटों पर हुए उपचुनावों के दौरान भी श्री पिरोनिया ने भांडेर से टिकट की मांग की थी।घनश्याम पिरोनिया ने भोपाल पहुंचकर पार्टी आलाकमान के सामने अपनी बात रखी थी। उनका कहना था कि वे 2013 से 2018 तक विधायक रह चुके हैं, किन्हीं कारणों से उनका टिकट पिछली बार कट गया था, लेकिन उसके बाद भी वे 15 माह तक लगातार उस इलाके के लोगों के संपर्क में रहे हैं। पिरोनिया ने कहा था कि 2018 में यदि उनका टिकट नहीं काटा जाता तो कांग्रेस जीत नहीं सकती थी। पूर्व विधायक ने कहा था कि क्षेत्र की जनता भी चाहती है कि उन्हें ही टिकट दिया जाए। बावजूद इसके पार्टी ने अपनी मजबूरियों के चलते घनश्याम को तवज्जो नहीं दी थी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं उन्हे
आश्वस्त किया था की पार्टी उनका ध्यान रखेगी। लंबा समय गुजरने के बावजूद पार्टी ने इस कद्दावर नेता को कोई पद नहीं दिया। सूत्रों का कहना है की जैसा कि फीडबैक मिल रहा था उसके अनुसार घनश्याम जैसे नेता को चुनाव से पहले साधना बेहद आवश्यक हो गया था यही वजह रही की अब जबकि चुनाव नजदीक है पार्टी रे श्री पिरोनिया को
हाल ही में गठित किए गए बांस शिल्प बोर्ड के अध्यक्ष पद से नवाजा है देखना होगा की आने वाले चुनावों में पार्टी भांडेर से जबरदस्त जनाधार वाले इस युवा नेता को विधायक का टिकट देती है या नहीं ? इस बारे में श्री पिरोनिया से चर्चा की गई तो उन्होंने बांस शिल्प बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया लेकिन यह भी कहा की भांडेर से विधायक का टिकट संबंधी उनकी मांग यथावत है उन्होंने कहा कि बांस शिल्प बोर्ड मैं वे सरकार की योजना अनुसार तमाम जनहितकारी व कल्याणकारी कार्यों को अंजाम देंगे साथ ही इस माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित हों इसपर भी उनका ध्यान रहेगा।