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आखिर मुख्यमंत्री शिवराज की अनदेखी क्यों की सिंधिया ने ? मंडल स्तर की बैठक में भी मोदी मोदी

बैठक मंडल की और गुणगान मोदी का चोंकिये नहीं यह दृश्य आज मध्यप्रदेश के ग्वालियर में देखने को मिला जब भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार  केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों में से एक मंडल समितियों की बैठक में भाग लेने पहुंचे। सामान्यतः यह परंपरा रही है कि प्रदेश स्तरीय संगठनात्मक बैठक में शामिल कोई केंद्रीय व राज्य सरकार का मंत्री जब अपना सम्बोधन देता है तो प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री के अच्छे कार्यों पर उसका फ़ोकस होता है ,लेकिन आज जब सिंधिया मंडल स्तर की कार्यसमिति में अपना सम्बोधन दे रहे थे तो उनका फोकस राज्य व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह न होकर प्रधानमंत्री मोदी थे।

रामकृष्ण मंडल की बैठक में शामिल हुए सिंधिया ने अपने विचार  व्यक्त  करते हुए कहा कि आजादी के बाद जो 70 साल में कोई और नहीं कर पाया वह सात साल में हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर दिखाया है। वह भारत को फिर से विश्व शक्ति बना रहे हैं। एक समय था जब भारत विश्व शक्ति था, तब कोई हमारी तरफ आंख नहीं उठा सकता था। फिर विदेशी ताकतों ने हमे कमजोर किया। पर आज फिर भारत का नाम विश्व में सम्मान से लिया जाने लगा है। बैठक में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने मंडल के पदाधिकारियों व सदस्यों से मुलाकात भी की। दोपहर बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

केन्द्रीय नागरिक उड्‌डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया चार दिवसीय प्रवास पर ग्वालियर आए थे। अपने चार दिवसीय प्रवास के आखिरी दिन रविवार को उन्होंने भाजपा के रामकृष्ण मंडल समिति की बैठक में भाग लिया। पहला मौका था जब सिंधिया ने किसी मंडल समिति की बैठक में भाग लिया। बैठक में पहुंचे सिंधिया ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और मंडल पदािधकारियों से चर्चा की। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने अपना पूरा फोकस केन्द्र सरकार और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी पर रखा। उनका कहना था कि एक वह सरकार थी जिसने 1975 में आपात काल लगाकर आम व्यक्ति की अभिव्यक्ति का गला घोंटने का काम किया। एक हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। जो कोरोना जैसे आपात काल में भी सिर्फ घर में रहने के लिए आवहान किया। जब में उस दल में था तो महासचिव रहते हुए आपातकाल को गलत ठहराया था। जो गलत है उसे गलत ही कहा जाएगा।
विदेशों से वैक्सीन की परम्परा को तोड़ा
– केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अभी तक कोई भी वैक्सीन आती थी वह विदेश में ही बनती थी, लेकिन कोरोना महामारी के दौर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारे देश में वैक्सीन बनी। दो-दो वैक्सीन स्वदेशी थीं और असरदार हैं। कुछ लोगों ने देश में बनी वैक्सीन में मांस होने का भ्रम फैलाकर दुष्प्रचार किया, लेकिन जब कोरोना ने जान लेना शुरू किया तो वही लोग सबसे आगे वैक्सीन लगवाने लाइन में खड़े नजर आए। मतलब साफ था सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं।
केन्द्र की योजनाएं भी गिनाई
– मंडल समिति बैठक में बोलते हुए सिंधिया ने केन्द्र की योजनाएं भी गिनाई। उन्होंने कहा कि देश की 60 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर है। यही कारण है कि किसानों के खाते में केन्द्र सरकार से 6 हजार रुपए और राज्य सरकार से 4 हजार रुपए कुल मिलाकर 10 हजार रुपए पहुंचाए जा रहे हैं। इसके अलावा उज्जवला योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना जैसी अन्य कई योजनाएं आम लोगों के लिए चल रही हैं।
जनरल बिपिन रात के लिए रखा मौन
– सिंधिया ने मंडल समिति के कार्यक्रम में देश के पहले CDS जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका व अन्य शहीद हुए जाबांजों के लिए दो मिनट का मौन भी रखा। इसके बाद सिंधिया का कहना था कि जनरल बिपिन रावत का निधन ग्वालियर के लिए क्षति है। उनकी पत्नी मधुलिका की भी इस हादसे में मौत हुई है। वह 6 साल तक ग्वालियर के सिंधिया कन्या विद्यालय का हिस्सा रही हैं। ऐसे में यह हमारे लिए व्यक्तिगत क्षति भी है।

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