देशभर में आज नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। इसके साथ ही उज्जैन में स्थित नाग चंद्रेश्वर मंदिर के कपाट अगले 24 घंटे के लिए खोल दिए गए हैं। बता दें कि, प्रति वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन नागों की पूजा करने के साथ-साथ उन्हें दूध पिलाने का विधान है। मान्यता है कि इस दिन नागों की पूजा करने से काल सर्प दोष से मुक्ति मिल जाती है। इसके साथ ही भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल नाग पंचमी पर काफी शुभ योग बन रहे हैं।
इस दिन शुभ और सिद्ध योग बनने के साथ-साथ शनि और राहु की कृपा भी प्राप्ति होगी। इसके साथ ही इस दिन शुक्र और बुध मिलकर लक्ष्मी नारायण योग बनाएंगे। इसके साथ ही शनि शश राजयोग का निर्माण करेंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार,सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की आरंभ 9 अगस्त 2024 को सुबह 12:37 मिनट पर हो रहा है, अगले दिन यानी 10 अगस्त को सुबह 3: 14 बजे पर समापन होगा। इसलिए नागपंचमी का पर्व 9 अगस्त 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा का विशेष मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट आरंभ होगा, जो दोपहर 1 बजे समाप्त होगा। इस दिन प्रदोष काल में नाग देवता की पूजा का बड़ा महत्व है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसारअगर किसी जातक की कुंडली में काल सर्प दोष या फिर पितृ दोष है, तो नाग पंचमी के दिन विद्वान ज्योतिषी अथवा पंडित के बताए अनुसार खास ज्योतिषीय उपायों को कर सकते हैं। ऐसा करने से नाग देवता के साथ भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।