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आरएसएस ने दिया प्रमाण अपने धुर वैचारिक विरोधियों के प्रति भी सम्मान की भावना रखता है संघ

प्रवीण दुबे

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल की दो दिवसीय बैठक शुरू 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और कम्युनिस्ट विचारधारा को एक दूसरे का कट्टर विरोधी माना जाता रहा है और यह पूरी तरह से सच भी है लेकिन शिष्टाचार, सदभावना, सहिष्णुता और मतभिन्नता के बावजूद सबको सम्मान देने के मामले में आरएसएस नेतृत्व का जवाब नहीं है इसका प्रत्यक्ष प्रमाण आज से मथुरा में प्रारम्भ हुई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल की दो दिवसीय बैठक के शुभारंभ कार्यक्रम में दिखाई दिया मथुरा दीनदयाल गो विज्ञान अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, गऊ ग्राम, परखम, फरह के नवधा सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत एवं कार्यवाह दत्तात्रेय होसबले द्वारा भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन अर्पित करने के बाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात

बैठक के प्रारम्भ में हाल ही में दिवंगत हुए शिष्टजनों को संघ ने श्रद्धांजलि अर्पित की और इनमें संघ के धुर विरोधी कम्युनिस्ट नेता सीताराम येचुरी और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के नाम भी शामिल थे। इनके अलावा राघवाचार्य महाराज (जयपुर), प्रसिद्ध उद्योगपति पद्मविभूषण रतन टाटा, ईनाडु और रामोजी फ़िल्म सिटी के संस्थापक रामोज़ी राव, पूर्व विदेश मन्त्री कुंवर नटवर सिंह, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, एडमिरल (सेनि) रामदास तथा दिवंगत अन्य प्रमुख लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक के प्रारम्भ में मार्च, 2024 की अभा प्रतिनिधि सभा की कार्रवाई का अनुमोदन किया गया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र कुमार ने बताया बैठक का एजेंडा 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र कुमार ने बताया कि बैठक का समापन 26 अक्तूबर सायं 6:15 बजे होगा। बैठक में विजयादशमी के पावन पर्व पर सरसंघचालक द्वारा प्रस्तुत विचारों तथा उनके उद्बोधन में उल्लेखित महत्वपूर्ण विषयों के अनुवर्तन हेतु योजनाओं तथा देश में वर्तमान में चल रहे समसामयिक विषयों पर व्यापक चर्चा होगी। साथ ही प्रतिनिधि सभा में निर्धारित वार्षिक योजना की समीक्षा तथा संघ कार्य के विस्तार का वृत्तांत भी लिया जाएगा। बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष में कार्य विस्तार की योजना सहित अभी तक किए गए कार्यों की समीक्षा और पंच परिवर्तन (सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण, ‘स्व आधारित जीवन शैली और नागरिक कर्तव्य) को समाज में लेकर जाने पर चर्चा होगी। सभी कार्यकर्ता इसी गऊग्राम परिसर में निवास कर रहे हैं। बैठक में संघ रचना के सभी 11 क्षेत्रों तथा 46 प्रांतों के माननीय संघचालक, सह संघचालक, कार्यवाह तथा प्रचारक सहित कुल 393 कार्यकर्ता प्रतिभाग कर रहे हैं। जम्मू कश्मीर से केरल तथा पूर्वोत्तर के अरुणाचल, मणिपुर, त्रिपुरा आदि प्रांतों से भी कार्यकर्ता उपस्थित हैं।

बैठक में प्रांतो के विशेष कार्यों पर तथा परिस्थितियों पर चर्चा होगी। आगामी मार्च 2025 तक की विस्तृत योजना पर भी विचार विमर्श होगा। बैठक में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले तथा सह सरकार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल, मुकुन्दा, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, आलोक कुमार, अतुल लिमये सहित अन्य अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुख एवं कार्यकारिणी के सदस्य भाग ले रहे हैं।

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