कांग्रेस का घोषणा पत्र छतरपुर कलेक्टर रहे रिटायर्ड आईएएस अधिकारी वीके बाथम ने तैयार किया है| उन्होंने ही सरकारी दफ्तरों में संघ पर बैन की बात लिखी है। इसपर समाज की ओर से आ रही तीखी प्रतिक्रिया व भाजपा सहित तमाम सामाजिक संगठनों के गर्माते विरोध को देखते हुए अब कांग्रेस का वचन पत्र बनाने वाले रिटायर्ड आईएएस व्हीके बाथम ने इसपर सफाई दी है। उनका कहना है की आरएसएस पर बैन लगाने का सुझाव आदिवासी क्षेत्र की जनता की तरफ से आया है। आरएसएस पर बैन को वचन पत्र में शामिल करने के पीछे कोई राजनितिक मंशा नहीं है। संघ की शाखा से स्कूलो में पढ़ाई बाधित होती है। संघ की शाखा में जाने वाले कर्मचारी देर से दफ्तर में आते है। शाखा में जाने से सरकारी कामकाज भी बाधित होता है और जनता परेशान होती है, इसलिए यह बात घोषणा पत्र में शामिल की गई है । वहीं उन्हों सवाल भी उठाये हैं कि संघ अगर सामाजिक संगठन है तो बीजेपी के साथ क्यों है|
गौतलब है कि कांग्रेस ने शनिवार को अपना घोषणा पत्र ‘वचन पत्र’ के नाम से जारी कर दिया है| कांग्रेस ने इसमें नारा दिया है ‘आओ बनाएं मध्य प्रदेश, फिर सजाएं अपना प्रदेश.’ लेकिन, घोषणा पत्र के अंदर एक पन्ने पर संघ को लेकर कुछ ऐसी बातें लिखीं हैं जो बताता है कि कांग्रेस सत्ता में आई तो आरआरएस के खिलाफ सख्त कदम उठा सकती है| कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में लिखित रुप से इस बात का वादा किया है कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो सरकारी कार्यालयों में संघ की शाखाओं पर बैन लगाया जाएगा. घोषणा पत्र के 80वें पन्ने पर 47.62वें बिन्दु में जिक्र किया गया है कि शासकीय परिसरों में आरएसएस की शाखायें लगाने पर प्रतिबंध लगायेंगे तथा शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों को शाखाओं में छूट संबंधी आदेश निरस्त करेंगे|