भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (एएसआइ) की टीम द्वारा ज्ञानवापी परिसर में सर्वे आज सुबह सात बजे से शुरू हुआ था। ज्ञानवापी परिसर के पास पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी थी। सात बजे से शुरू हुए सर्वे पर 12 बजे रोक लगी थी। दरअसल जुमे की नमाज को लेकर ज्ञानवापी में सर्वे रोका गया था। वहीं, दूसरी ओर इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट पर भी सबकी नजर थी। हालांकि अब इस पर फैसला आ गया है।
जिला जज डा.अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में दायर प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि हाईकोर्ट में सुनवाई लंबित होने और सर्वे पर रोक लगाए जाने के सर्वे का कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। हाईकोर्ट द्वारा तीन अगस्त को रोक हटाते हुए सर्वे का जारी रखने का आदेश पारित किया गया है।
भारतीय पुरातात्विक विभाग की ओर से केंद्र सरकार के अधिवक्ताद्वय अमित कुमार श्रीवास्तव व शंभू शरण सिंह ने अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इस प्रार्थना पत्र की प्रति मंदिर व मस्जिद पक्ष के अधिवक्ताओं को दी गई।
ज्ञानवापी में सर्वे ग्राउंड पेनीट्रेटिंग रडार (जीपीआर) तकनीक के जरिए हो रहा है। ये तकनीक काफी खास है। इसमें बिना जमीन खोदे ही 10 मीटर गहराई तक धातु व अन्य सरंचनाओं के बारे में जानकारी मिल जाती है।