ग्वालियर/गुना 11 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री ने ग्वालियर संभाग के गुना जिले के बमोरी विकासखंड के ग्राम बींदाखेड़ी पहुंचकर प्रगतिशील किसान बबलू किरार के खेत का निरीक्षण किया। उन्होंने किसान से मिर्च, शिमला मिर्च एवं गेंदे की खेती, फसल चक्र, उत्पादन, लागत, बाजार भाव और मुनाफे की जानकारी ली। किसान बबलू किरार द्वारा ड्रिप, मल्चिंग और फर्टिगेशन जैसी आधुनिक तकनीकों से मिर्च उत्पादन कर एक एकड़ में करीब 5 लाख रुपए तक शुद्ध आय प्राप्त की जा रही है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल भी मौजूद रहे।
2 एकड़ में मिर्च और 2 एकड़ में शिमला मिर्च की खेती
प्रगतिशील किसान बबलू किरार पिछले छह वर्षों से मिर्च की खेती कर रहे हैं। वर्तमान में वे 2 एकड़ में हरी मिर्च, 2 एकड़ में शिमला मिर्च और 4 एकड़ में गेंदे की खेती कर रहे हैं। उन्होंने आयुक्त श्री खत्री को बताया कि ड्रिप एवं मल्चिंग के साथ हाइब्रिड मिर्च की खेती में लगभग 1.50 लाख रुपए प्रति एकड़ लागत आती है और औसतन 180 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त होता है। 35 से 40 रुपए प्रति किलो के औसत भाव पर एक एकड़ से करीब 6.50 लाख रुपए का उत्पादन तथा लागत निकालने के बाद लगभग 5 लाख रुपए तक शुद्ध आय प्राप्त हो सकती है।
फसल विविधीकरण से कम किया खेती का जोखिम
किसान ने बताया कि मिर्च एवं शिमला मिर्च के साथ गेंदे की खेती को फसल चक्र एवं कीट प्रबंधन की दृष्टि से अपनाया गया है। फसल विविधीकरण से किसी एक फसल पर निर्भरता कम होती है और खेती का जोखिम भी घटता है। खेत पर ड्रिप, मल्चिंग, फर्टिगेशन एवं वैज्ञानिक कीट प्रबंधन जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
1000 एकड़ में किसानों को दे रहे मिर्च उत्पादन की तकनीकी जानकारी
बबलू किरार स्वयं आधुनिक तकनीकों से खेती करने के साथ बमोरी क्षेत्र में करीब 1000 एकड़ में किसानों को मिर्च उत्पादन की तकनीकी जानकारी भी दे रहे हैं। उनका मॉडल है—“देखो, सीखो और सीखकर करो।” किसान अब अपने खेत पर नेट हाउस तैयार कर मिर्च की पौध तैयार करने और उसकी बिक्री शुरू करने की तैयारी भी कर रहे हैं।
कलेक्टर ने की बबलू किरार के प्रयासों की सराहना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने प्रगतिशील किसान बबलू किरार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गुना जिले में किसान परंपरागत खेती के साथ आधुनिक एवं उच्च मूल्य वाली उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं। ड्रिप, मल्चिंग, फर्टिगेशन, फसल चक्र और वैज्ञानिक कीट प्रबंधन जैसी तकनीकों को अपनाकर किसान कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बबलू किरार स्वयं आधुनिक तकनीक अपनाने के साथ अन्य किसानों को भी तकनीकी जानकारी दे रहे हैं, जो सराहनीय है। ऐसे किसानों के प्रयासों से अन्य किसान भी प्रेरित होकर उद्यानिकी फसलों को अपनाएंगे।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम गुना श्रीमती शिवानी पांडे, उप संचालक उद्यान श्री केपीएस किरार सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित रहे।