Homeसम्पादकीयकश्मीर CAA व NRC जैसे विषयों पर भारतीय मूल की कमला हैरिस...

कश्मीर CAA व NRC जैसे विषयों पर भारतीय मूल की कमला हैरिस क्या बन सकती हैं मोदी सरकार के लिए परेशानी ?

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन ने शानदार जीत दर्ज की है. डोनाल्ड ट्रंप को हराकर बाइडेन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. बाइडेन को 273 वोट मिले. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में 214 इलेक्टोरल वोट गए. यह जीत निर्णायक राज्य पेनसिल्वेनिया में बाइडेन की जीत के बाद तय हुई। भारत की दृष्टि से अमेरिका में हुआ यह परिवर्तन कितना असर डालेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन भारतीय मूल की महिला कमला हैरिस का उपराष्ट्रपति चुना जाना भारत के दृष्टिकोण से ऐतिहासिक घटना है। यह इस दृष्टि से भी

महत्वपूर्ण है की कमला हैरिस कश्मीर ,CAA व NRC जैसे विषयों को लेकर मोदी सरकार के समर्थन में नहीं दिखाई दी हैं। हालांकि इतने बड़े जिम्मेदार पद और अंतरराष्ट्रीय महाशक्ति का नेतृत्व करने के बाद व्यक्तिगत विचारों का कोई महत्व नहीं रह जाता है। इस स्तर पर दोनों देशों के सम्बन्ध व हित अहित विशेष महत्व रखते हैं उसी आधार पर नीतियां तय होती है।

बतौर महिला, अश्वेत और साउथ एशियन होते हुए कमला हैरिस उपराष्ट्रपति पद पर काबिज होने जा रही हैं. ये अमेरिका के राजनीतिक इतिहास में पहली बार होगा. जो बाइडेन ने अगस्त में कमला का नाम उपराष्ट्रपति पद के लिए सुझाया था. कैलिफोर्निया की अमेरिकी सीनेटर ने सैन फ्रांसिस्को की पहली महिला जिला अटॉर्नी के रूप में काम किया और कैलिफोर्निया की पहली महिला थीं, जिन्हें अटॉर्नी जनरल चुना गया था. कमला हैरिस मुखर वक्ता के तौर पर जानी जाती हैं.

तमिलनाडु के तुलासेंतिरापुरम से कमला हैरिस का ताल्लुक है. हाल ही में यहां उनकी जीत के लिए विशेष पूजा का आयोजन किया गया था. चेन्नई से लगभग 350 किलोमीटर दूर इस गांव में हैरिस के नाना पीवी गोपालन रहते थे. पीवी गोपालन का परिवार अब चेन्नई में रहता है.

जम्मू-कश्मीर और CAA-NRC पर मुखर रही हैं

कमला हैरिस ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद लंबे वक्त तक लॉकडाउन और नेताओं को नजरबंद रखने का विरोध किया था. उन्होंने अपने बयान में कहा था कि हम उनके साथ खड़े हैं, मानवाधिकार के नियमों का उल्लंघन पूरी तरह गलत है. कमला हैरिस CAA-NRC के विरोध में भी आवाज उठा चुकी हैं. जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिकी यात्रा पर थे, तो उन्होंने उस अमेरिकी सीनेटर से मिलने से मना कर दिया था जिन्होंने CAA-NRC का विरोध किया था. इसपर कमला हैरिस ने भारत के विदेश मंत्री की कड़ी आलोचना की थी.

प्रेसिडेंशियल डिबेट में मौजूदा उपराष्ट्रपति माइक पेंस और कमला हैरिस के बीच करीब 90 मिनट तक बहस चली थी. कमला हैरिस की ओर से ट्रंप प्रशासन को कोरोना संकट का सामना करने में पूरी तरह से फेल बताया गया था. कमला हैरिस की ओर से आरोप लगाया गया कि ट्रंप प्रशासन को जनवरी में ही कोरोना संकट के बारे में पता था, लेकिन उन्होंने देश को नहीं बताया. जिसका खामियाजा दो लाख से अधिक लोगों को अपनी जान गंवा कर देना पड़ा. जवाब में माइक पेंस की ओर से कहा गया कि ट्रंप ने सबसे पहले चीन की फ्लाइट पर रोक लगाई और उसके बाद देश में कोरोना से लड़ने की तैयारियों पर जोर दिया.

हाल ही में कमला हैरिस की भतीजी ने एक तस्वीर ट्वीट की जिसे लेकर हिंदू समुदाय ने माफी की मांग की थी. कमला हैरिस की भतीजी ने उन्हें देवी दुर्गा के रूप में दिखाने वाली एक तस्वीर ट्वीट की थी. भतीजी मीणा हैरिस ने बाद में ट्वीट डिलीट कर दिया था. 35 साल की मीणा हैरिस पेशे से वकील हैं और फिनोमेनल वुमेन ऐक्शन कैंपेन की फाउंडर भी हैं. कमला हैरिस के समर्थन में वो लगातार ट्वीट करती रही हैं.

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments