Homeप्रमुख खबरेंकहीं शिवराज के लिए सिरदर्द तो नहीं बन गईं हैं विकास यात्राएं...?

कहीं शिवराज के लिए सिरदर्द तो नहीं बन गईं हैं विकास यात्राएं…?

प्रवीण दुबे

मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में बीते दो दिनों से यह चर्चा जोर पकड़ गई है की 19 तारीख को आखिर मध्यप्रदेश में क्या होने वाला है यह चर्चा इस कारण चली है क्योंकि प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने 19 तारीख को प्रदेश के सभी मंत्रियों को 12 घंटे के लिए आवश्यक रूप से भोपाल में उपस्थित रहने को कहा है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री कार्यालय से सभी मंत्रियों को यह जानकारी पहुंचाई गई है कि वह अपने-अपने क्षेत्रों की विकास यात्रा को छोड़कर तुरंत ही भोपाल पहुंचे। सभी को सुबह 9 बजे से शाम 9 बजे तक उपस्थित रहने को कहा गया है। डेडलाइन के इस फरमान के अलावा किसी भी मंत्री को कोई जानकारी नहीं पहुंचाई गई है।

चूंकि यह चुनावी वर्ष है और प्रदेश सरकार को लेकर हाल ही में जारी विकास यात्राओं व अन्य सरकारी एजेंसियों से जो फीडबैक सामने आ रहा है उसे देखकर भोपाल से लेकर दिल्ली और नागपुर तक सभी के होश उड़े हुए हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बुधवार को आर एस एस प्रमुख से भी मुलाकात की खबरें भी सामने आई हैं और इसके तत्काल बाद अपने सभी मंत्रियों को भोपाल तलब करने का फरमान जारी किया इस विषय को राजनीतिक उठापटक के साथ भी जोड़कर देखा जा रहा है ।राजनीतिक पंडितों का यह मानना है कि 19 तारीख को कुछ भी हो सकता है संभव है की शिवराज सिंह अपनी कैबिनेट में कोई बड़ा परिवर्तन कर दें अथवा यह भी संभव है की संगठनात्मक स्तर पर पार्टी कोई बड़ा निर्णय लेने जा रही है।

जहां तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से जुड़े सूत्रों का सवाल है वे 19 तारीख को  राजधानी मैं तलब किए गए मंत्रियों को एक सामान्य मुलाकात निरूपित कर रहे हैं। 19 तारीख कोही शिवराज ने कैबिनेट की बैठक भी आहूत की है साथ ही यह बताया  जा रहा है कि शिवराज सिंह द्वारा  वृक्ष लगाने के संकल्प को 2 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं इस कारण से भी मुख्यमंत्री सब अपने सहयोगियों के साथ वृक्षारोपण कर बड़ा संदेश देना चाहते हैं इतना इतना ही नहीं मुख्यमंत्री द्वारा 19 तारीख को ही सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया है । हो सकता है की मुख्यमंत्री ने इतने सारे प्रयोजन होने की वजह से अपने मंत्रियों को भोपाल तलब कर लिया है लेकिन यह भी संभव है की प्रदेश सरकार के कार्यों का फीडबैक खास करके प्रदेश स्तर पर चल रही विकास यात्राओं  को लेकर जनता का रुख तथा हाल ही में गांव गांव चले संपर्क अभियान का विश्लेषण भी मुख्यमंत्री अपने सहयोगियों के साथ करना चाहते हैं सर्ववदित है की  विकास यात्राओं को लेकर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों मैं बहुत अच्छी खबर सामने नहीं आई है कई बार प्रदेश सरकार को के मंत्रियों को उपहास का कारण बनना पड़ा है। विकास यात्रा के दौरान काफी विरोध देखने को मिल रहा है. यात्रा के तहत ग्रामीण इलाकों में निकले भाजपा नेताओं को कहीं काले झंडे दिखाए जा रहे हैं तो कहीं किसान कपड़े उतारकर प्रदर्शन कर रहे हैं. बुरहानपुर जिले में भाजपा विधायक के लापता होने के पोस्टर लगाए गए तो कहीं विकास यात्रा के रथ को ट्रैक्टर से खींचने की तस्वीर सामने आईं हैं. कई जगह हितग्राहियों ने योजनाओं की सच्चाई मंत्री और विधायक के सामने बता दी. वहीं अशोकनगर में मंत्री जी के कुर्ते में खुजली का पाउडर डाल दिया गया. कई जगह बीजेपी के विधायकों का दर्द जनता के सामने निकल पड़ा. मंत्रियों को ये जताना पड़ रहा है कि यात्रा में कई लोग अड़चने पैदा कर रहे हैं. इस तरह की तस्वीरों से सरकार के सामने संकट खड़ा हो रहा है.हो सकता है सभी मंत्रियों को उनके प्रभार वाले जिलों का रिपोर्ट कार्ड दिखाया जाए.

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो कुछ मंत्री ऐसे हैं जिनके क्रियाकलाप से सरकार और पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है। संगठन इससे चिंतित है। पार्टी का मानना है कि जिन मंत्रियों को लेकर नाराजगी है, उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया जाता है या कम महत्व के विभाग दिए जाते हैं तो एंटी-इन्कंबेंसी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा निगम और मंडलों में भी नियुक्तियां हैं। मंत्री पद के कुछ दावेदारों को वहां भी एडजस्ट किया जा सकता है।

अब तक यह माना जा रहा था कि कैबिनेट में फेरबदल होली के बाद होगा। इससे पहले संगठन विकास यात्रा के जरिए आम लोगों का रुख भांपेगा। फिर कैबिनेट में फेरबदल को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस बीच मोहन भागवत के साथ सीएम शिवराज की मीटिंग से हलचल तेज हो गई है।

 

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