भारतीय जनता पार्टी ने आर एस एस को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश के बयान पर पलटवार किया है भाजपा मध्यप्रदेश के मीडिया प्रमुख आशीष अग्रवाल ने अपने एक बयान में x पर लिखा कि कांग्रेसियों की पीड़ा आर एस एस से नहीं, अपितु राष्ट्रवादी विचारधारा से है।तुष्टिकरण प्रेमी कांग्रेस विश्व के सबसे बड़े सामाजिक सांस्कृतिक संगठन को कैसे स्वीकार सकती है…
आरएसएस, लोगों में संकल्पित भारत के प्रति विश्वास जगाती है, कांग्रेस आज भी अंग्रेजों की ‘फूट डालो राज करो’ की नीति के बल पर आगे बढ़ना चाहती है।
आरएसएस, देश की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा कर राष्ट्रनिर्माण के लिए संकल्पित है, कांग्रेस राष्ट्रविरोधी व सनातनविरोधी ताकतों का साथ देकर उसे मजबूत बनाने की ना-पाक कोशिशें करती है।
आरएसएस सशक्त, समर्थ, सक्षम भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाती है। वहीं कांग्रेस परिवारवाद, भ्रष्टाचार और अलवागवादियों से प्रेम जताती है
आरएसएस, देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर देती है, वहीं कांग्रेस सेना सुरक्षा और शौर्य पर सवाल खड़ाकर देश को खोखला बनाती है
इसलिये जयराम रमेश का आरएसएस से बैर रखना स्वाभाविक है।
जो तुष्टिकरण से करे प्यार, वो कैसे संघ को कर सकता है स्वीकार?
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकारी कर्मचारियों के संघ की शाखा में जाने पर आपत्ति जताई है उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के आरएसएस की शाखाओं में जाने पर 58 वर्ष से जारी प्रतिबंध को हटाने का केन्द्र का निर्णय देशहित से परे बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सरकारी कर्मचारियों को आरएसएस की शाखाओं में जाने पर 58 वर्ष से जारी प्रतिबंध को हटाने का केन्द्र का निर्णय देशहित से परे है।