लखनऊ 14 जुलाई 2026/उत्तर प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में से एक किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ने अपने सभी हॉस्टलों के मेस में मांसाहारी खाना पकाने और परोसने पर रोक लगा दी है.
विश्वविद्यालय का कहना है कि यह केवल एक मौखिक एडवाइज़री है. स्टूडेंट्स चाहें तो ऑनलाइन ऑर्डर कर अपने कमरों में नॉन वेज खा सकते हैं.
केजीएमयू में कुल 18 हॉस्टल हैं, जिनमें क़रीब 2,500 स्टूडेंट्स रहते हैं.
बीबीसी हिंदी से बातचीत में विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा, “हमारे यहां दो तरह के मेस चलते हैं. कुछ मेस स्टूडेंट्स सहकारी व्यवस्था (को-ऑपरेटिव) के तहत ख़ुद संचालित करते हैं, जबकि कुछ यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित हैं.”
“इसके अलावा डॉक्टर ऑफ़ मेडिसिन के स्टूडेंट्स के लिए सैटेलाइट फ्लैट जैसे हॉस्टल हैं, जहां उनके पास अपना किचन होता है, वहां ऐसी कोई रोक नहीं है.”
उन्होंने कहा, “हमने यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित मेस को मौखिक रूप से सलाह दी है कि वहां नॉन वेज न बनाया जाए और उसकी जगह पनीर, चना जैसे विकल्प दिए जाएं. को-ऑपरेटिव मेस से भी ऐसा करने को कहा गया है, लेकिन कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है.”
“न तो हमने कैंपस में नॉन-वेज खाने पर रोक लगाई है और न ही सरकार या राजभवन ने ऐसा करने के लिए कहा है.”