भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्यप्रदेश में प्रथम श्रेणी के भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पार्टी के कार्यकर्ताओं से ज्यादा प्रशासनिक अधिकारियों पर विश्वास करते हैं।
मामला हाल ही में संपन्न हुए पंचायत एवं नगर पालिका नगर निगम चुनाव में मतदाता सूची में गड़बड़ी का है। कैलाश विजयवर्गीय ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान कहा कि इस बार जो मतदाता सूची बनी है वह हमारे लिए अलार्मिंग थी। इसमें प्रशासन और चुनाव आयोग की कितनी भूमिका है, मुख्यमंत्री जी को गंभीरता से लेना चाहिए। शिवराज सिंह जी का स्वभाव ऐसा है कि वह अधिकारियों पर ज्यादा विश्वास करते हैं। कार्यकर्ताओं पर भी विश्वास उनको उतना ही करना चाहिए। यदि कार्यकर्ताओं पर भी उतना ही विश्वास करते तो शायद यह गलती नहीं होती। इसमें चूक कहां हुई है यह हम जरूर देखेंगे। इसमें चुनाव आयोग और प्रशासनिक अधिकारी कहीं ना कहीं जिम्मेदार हैं।
महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बड़े ही संतुलित और मर्यादित शब्दों का उपयोग किया। पूरा ध्यान रखा कि कहीं कोई ऐसा शब्द ना निकल जाए जो विवाद का कारण बने लेकिन जो बात बंद दरवाजे के अंदर पार्टी के मंच पर कहीं जानी चाहिए थी, राष्ट्रीय महासचिव स्तर के पदाधिकारी को यदि टीवी इंटरव्यू में कह नहीं पड़ रही है, तो स्थिति चिंताजनक है। भाजपा की एकता खतरे में है।