ग्वालियर/मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में शामिल ग्वालियर में एक नागरिक द्वारा चौंकाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट डाली गई है इस पोस्ट में ग्वालियर में बड़ी संख्या में सक्रिय रोहिंग्या व बांग्लादेशी घुसपैठियों की ओर पुलिस वी प्रशासन सहित आम नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया गया है।
विवेक चंदेल द्वारा अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा गया है कि
सभी ग्वालियर शहरवासियों से मेरी अपील है कि चौराहों और माल के पास इन भिखारियों को कुछ ना दें ये बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिये है….इन्हें सहारा देकर आप अपने ख़ुद के भविष्य को ख़तरे में डाल रहे हैं। घटना का जिक्र करते हुए श्री चंदेल लिखते हैं
इतवार रात्रि 10:30 रात्रि DB मॉल ग्वालियर से निकलते वक़्त इन्ही में एक बच्चे को मैंने भीख नहीं दी तो कार में बैठते वक़्त इसने पीछे से पत्थर मारा जो मेरे बेटे को लगा
आश्चर्य की बात है कि ग्वालियर की वीआईपी रोड में भी और प्रतिष्ठित होटल तानसेन चौराहे पर भी इनका जमावड़ा लगा हुआ है जहाँ से अमूमन ग्वालियर का हर अधिकारी निकलता है फिर भी शहर पे बढ़ते हुए इस ख़तरे के प्रति कोई कार्यवाही नहीं हो रही।
इनके हौसले इतने बुलंद हो गये हैं कि पुलिस प्रशासन को खबर करने की धमकी देने पे भी इनपे कोई असर नहीं होता पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सिंह चंदेल जी से उम्मीद है इस मामले को संज्ञान में लेके उचित कार्यवाही करे।
https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=pfbid02wS8LJw2VScQEKW8XFLkczUXroyDPm2DME2V33nPnHHP7Jz6Escm3b8ekJzxCmdsdl&id=100001065919795&sfnsn=wiwspwa&mibextid=6aamW6
उधर इस फेसबुक पोस्ट के आधार पर जब shabd shakti news ने पड़ताल की और पुलिस प्रशासन से इस तरह के संधिग्दों के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि मध्यप्रदेश के गृह मंत्रालय को पहले से ही इस प्रकार के अवैध घुसपैठियों की जानकारी है। अधिकृत रूप से इनकी संख्या 20 बताई जा रही है जो सच्चाई से कोसों दूर नजर आती है।
यही वजह है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों से ग्वालियर सहित प्रदेश में आकर बसे संदिग्ध लोगों को सरकारी राडार में लाने के लिए कलेक्टरों को पत्र जारी किया जा चुका है। पत्र में कहा गया है कि वे अपने जिले में ऐसे नागरिकों के लिए आफलाइन आवेदन लेकर कैंप आयोजित कर आइवीएफआरटी पोर्टल के माध्यम से आनलाइन आवेदन कराएं। इससे यह प्रकरण शासन स्तर पर पहुंच सकें और आगामी कार्रवाई की जा सके।
प्रदेश के गृह मंत्रालय से जारी निर्देशों में कहा गया है जिलों से संबंधित भारतीय नागरिकता के प्रकरणों को आनलाइन प्रणाली के माध्यम से शासन स्तर पर भेजने के लिए भारत सरकार गृह मंत्रालय विदेशी प्रभाग नई दिल्ली के पत्र की जानकारी पूर्व में भेजी गई थी। इस संबंध में पूर्व में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव की वीसी भी आयोजित की गई थी। । इन निर्देशों के संबंध में जिलों में उक्त देशों से निवासरत आवेदकों के भारतीय नागरिकता के प्रकरणों-आवेदनों को विशेष शिविर का आयोजन कर आफलाइन आवेदनों को आइवीएफआरटी यानी आव्रजन, वीजा और विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग पोर्टल के माध्यम से आनलाइन कराने की कार्रवई करने को कहा गया था अब ग्वालियर जिले में प्रशासन और पुलिस के माध्यम से विशेष कैंप लगाए जाने की बात कही जा रही है। ग्वालियर में ऐसे अल्पसंख्यकों की संख्या 20 बताई गई है,लेकिन जिस प्रकार के संदिग्ध चेहरे दिखाई दे रहे है उनकी संख्या बहुत बड़ी हो सकती है। यह लोग धार्मिक स्थलों, चौराहों,सहित ट्रेफिक सिग्नलों मॉल आदि के आसपास देखे जा सकते है।जिनके लिए अब सर्वे सहित यह कार्रवाई किया जाना बहुत जरूरी है।