नई दिल्ली /विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि कोरोना वायरस के पिछले वैरिएंट्स की तुलना में ओमिक्रॉन ज्यादा घातक नहीं है। WHO के टॉप ऑफिसर ने कहा कि इसकी संभावना बहुत कम है कि ओमिक्रॉन फुली वैक्सीनेटेड लोगों को चमका दे पाएगा। उन्होंने कहा कि इस नए वैरिएंट के बारे में अभी तक बहुत कुछ नहीं पता है, लेकिन शुरुआती जांच में इसके डेल्टा से कम खतरनाक होने के संकेत मिले
उधर अमेरिका के टॉप साइंटिस्ट एंथनी फौसी ने कहा है कि कोरोना के डेल्टा वैरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन ज्यादा घातक नहीं है। उन्होंने कहा कि शुरुआती स्टडी में मरीज पर ओमिक्रॉन के हल्के असर के संकेत मिले हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि नए वैरिएंट की गंभीरता को जानने में हफ्तों लग सकते हैं। फौसी ने साफ कर दिया कि डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन ज्यादा संक्रामक है।