प्रवीण दुबे
तमाम सदस्यों ने संविधान के खिलाफ वार्षिक सदस्यता शुल्क बढ़ाये जाने का किया विरोध, बैठक में हो सकता है हंगामा
ग्वालियर के सबसे प्रमुख मंदिरों में शामिल सनातन धर्म मंदिर साधारण सभा की बैठक में हंगामा होने की आशंका है, यह बैठक कुछ देर बाद अर्थात दोपहर 2 बजे से मंदिर में आमंत्रित की गई है।
1923 में जीवाजी राव सिंधिया ने. कराई थी स्थापना,बिड़ला ने जयपुर से 95 साल पहले तैयार कराई थी भगवान चक्रधर की प्रतिमाएं

सनातन धर्म मंदिर हेतु उद्योगपति जुगल किशोर बिड़ला अौर घनश्याम दास बिड़ला ने जयपुर में 95 साल पहले भगवान चक्रधर की दो प्रतिमाएं तैयार कराई थीं। दोनों ही प्रतिमाअों का स्वरूप एक जैसा है। इनमें से एक प्रतिमा दिल्ली के बिड़ला मंदिर में स्थापित की गई अौर दूसरी श्री सनातन धर्म मंदिर में। श्री सनातन धर्म मंदिर की स्थापना 1923 में वैशाख शुक्ल एकादशी पर महाराज जीवाजी राव सिंधिया ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर की थी।
सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए सरदार घोरपोड़े, पं. विधेश्वरी प्रसाद मिश्र, वासुदेव नंदन भारद्वाज, लाला गोवर्धन दास, ब्रजभूषण आदि ने संस्था की स्थापना का निर्णय लिया था। अन्य लोगों के सहयोग से संस्था का निर्माण हुआ अौर श्री सनातन धर्म मंडल नाम से संस्था की स्थापना की गई। तब शहर के दानदाताओं के सहयोग धन एकत्र कर मंदिर का निर्माण शुरू हुआ। मंदिर का निर्माण पं. विंधेश्वरी प्रसाद मिश्र ने कराया। श्री मिश्र सिंधिया रियासत के मुख्य वास्तुविद थे। उन्होंने ही मंदिर का डिजाइन तैयार किया था। मंदिर के हॉल के निर्माण में उन्होंने उस समय अारसीसी का उपयोग किया जब अारसीसी प्रचलन में नहीं था।