Homeसम्पादकीयग्वालियर जिला प्रशासन के मुंह पर तमाचा मारती एक परेशान कर देने...

ग्वालियर जिला प्रशासन के मुंह पर तमाचा मारती एक परेशान कर देने वाली तस्वीर

सम्पादकीय

 

देश की उच्च नोकरशाही के बारे में कहा जाता है की देश के असली राजा तो यही  हैं। यह भी कहा जाता है सरकारें कितना ही अच्छा काम करें अगर उच्च पदों पर आसीन नोकरशाही यदि कुशलता और जिम्मेदारी को दृष्टिगत रखकर काम नहीं करती तो सरकार को उसका खामियाजा भुगतना ही पड़ता है,ठीकरा सरकार के सिर ही फूटता है। वर्तमान की बात की जाए तो देश कोरोना संकटकाल से गुजर रहा है। कोरोना को लेकर दो माह से भी अधिक चली तालाबंदी के बाद अब ताले खुल चुके हैं और देशवासियों के लिए कुछ नियमों का निर्धारण कर दिया गया है। नियमों को पालन कराने की जिम्मेदारी नोकरशाहों पर है। यह सच है की काम कठिन है और लगातार तीन माह से लोगों को इस बारे में समझाइश भी दी जा रही है,लेकिन इसका अर्थ यह कदापि नहीं होना चाहिए की सब रामभरोसे छोड़ दिया जाए, सबको पता है की किसी की जान लेना एक अपराध है लेकिन सार्वजनिक रूप से खुलेआम कोई किसी की हत्या करने लगे तो  क्या उसे रोका नहीं जाना चाहिए ? पूरी दुनिया में महामारी बनकर लाखों की जान ले चुका कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए यह निर्धारित किया गया है की सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए,किसी भी स्थान पर भीड़ न लगाई जाए, अंतिम संस्कार में 20 व विवाह समारोह में 50 से ज्यादा लोग न बुलाए जाएं ,मुंह पर मास्क अनिवार्य रूप से लगाया जाए आदि आदि। यदि इन नियमों को कोई पालन नहीं करता है तो साफ है वह समाज के लाखों लोगों की जान से खिलवाड़ का जिम्मेदार है और स्थानीय प्रशासन को हर कीमत पर उसे रोकना ही चाहिए। उत्तरप्रदेश की योगी सरकार इसका सबसे अच्छा व बड़ा उदाहरण है उन्होंने कैसे ढील बरतने वाले आईएएस आईपीएस को शंट किया और कैसे कोरोना कानून का उल्लंघन करने वालों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने में तनिक भी किसी की चिंता नहीं की। अब जबकी देश में तालाबंदी नहीं है तो क्या कोरोना के नियम पालन नहीं करने वालों के प्रति स्थानीय प्रशासन को आंख मूंद लेना चाहिए ? देश के तमाम शहरों से ऐसी अनेक तस्वीरें देखने को मिल रही है जिनमें यह साफ दिखाई देता है की नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी को ठीक तरह से पूरा नहीं किया जा रहा और महामारी के समय अकर्मण्यता दिखाई जा रही है। शनिवार को मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक नगर ग्वालियर से ऐसी ही एक शर्मसार करने वाली तस्वीर ग्वालियर जिला प्रशासन के मुंह पर तमाचा सा मारती दिखाई दे रही है यहां एक शहर काजी की मौत के बाद निकले जनाजे व नमाज के दौरान इतनी भीड़ जुटी की सोशल डिस्टेंसिंग व अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित 20 लोगों का नियम धरा का धरा रह गया । लगभग चार पांच घण्टे तक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जाती रहीं और पूरा प्रशासनिक अमला कुम्भकर्णी नींद सोता रहा। सबसे आश्चर्यजनक बात तो यह रही की नियमों को तार तार करते इस जनाजे में एक राजनीतिक दल के विधायक पूरी श्रध्दा के साथ सबसे आगे चलते दिखाई दिए। अब इसको लेकर सोशल मीडिया पर कार्यवाही की मांग उठ रही है। ऐसी तस्वीर केवल ग्वालियर से नहीं बल्कि देश के कई स्थानों से रोजाना देखने को मिल रही हैं। भगवान न करे कोरोना अपना और विकराल रूप दिखाए लेकिन जहां भी नियमों को नजरअंदाज कर यह सब हो रहा है और वहां का स्थानीय प्रशासन मूक दर्शक बनकर यह सब होने दे रहा है केवल और केवल वही जिम्मेदार होगा। 

[email protected]

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments