मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर चंबल और उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में हुए अलग अलग दो हादसों में 7। लोगों के डूबकर मरने की खबर है।
करौली माता मंदिर दर्शन करने जा रहे 17 श्रद्धालु चंबल नदी के तेज बहाव में बह गए. इनमें से 10 को स्थानीय ग्रामीणों ने पानी से सकुशल निकाल लिया. वहीं, पुलिस ने गोताखोरों की मदद से 3 शव बरामद कर लिए हैं जबकि 4 अन्य लोगों की तलाश जारी है.ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के सिलायचौन गांव निवासी कुशवाह समाज के 17 लोगों का जत्था कैला देवी की पदयात्रा के लिए जा रहा था. करौली जिले के मंडरायल उपखंड से होकर गुजर रही चंबल के रोधई घाट पर यह जत्था पानी में से होकर निकलने लगा. ये लोग एक-दूसरे का हाथ थामे नदी पार कर रहे थे. तभी पानी के तेज बहाव में इनमें से एक का पैर फिसल गया. इसके बाद एक के बाद एक सभी पदयात्री चंबल नदी में बह गए.
उधर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में भी बड़ा हादसा हुआ है. बारिश के बाद नाले के तेज बहाव में छह मजदूर बह गए, चार के शव को पुलिस ने बरामद कर लिया है, मगर अब तक दो मजदूरों का पता नहीं चल पाया है. पुलिस दोनों मजदूरों की तलाश कर रही है. घटना कोन थाना क्षेत्र के चकरिया का है.
बैतरा नाले में शुक्रवार की शाम बारिश के बाद अचानक तेज बहाव आने से छह मजदूर बह गए थे. चार का शव चकरिया चौकी क्षेत्र में नाले से रेस्क्यू हुआ है. मृतकों मे राजकुमारी (40) पत्नी विनोद विश्वकर्मा, रीता (32) पत्नी रमेश अगरिया, राजमति (10) पुत्र रमेश अगरिया, हीरावती (22) पत्नी राम विश्वास अगरिया हैं. सभी गढ़वान थाना रामपुर बरकोनिया निवासी हैं.