Homeप्रमुख खबरेंजब उम्मीद लगी थी टूटने, तब बजरंग दल बना सहारा !

जब उम्मीद लगी थी टूटने, तब बजरंग दल बना सहारा !

¨रांची 15 जनवरी 2026/झारखंड में पिछले कई दिनों से दो मासूम बच्चों (अंश कुमार राय और अंशिका कुमारी ) के लापता होने की खबर ने हर संवेदनशील व्यक्ति को बेचैन कर दिया था। 2 जनवरी को रांची के धुर्वा इलाके से गायब हुए इन बच्चों को लेकर माता-पिता की आँखें लगातार रास्ता देख रही थीं। हर बीतता दिन डर और अनिश्चितता बढ़ा रहा था। हर दिन अखबारों में खबरें छप रही थी। पुलिस से लेकर आम जनता की नजरें भी उस बच्चे को तलाश रही थी। थक हार कर पुलिस ने इनाम की घोषणा भी की लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आ रहा था।

पुलिस लगातार बच्चों की तलाश में जुटी थी, लेकिन 12 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। ऐसे समय में, जब उम्मीदें कमजोर पड़ने लगी थीं, तब बजरंग दल रामगढ़ ने इन बच्चों को ढूंढने का जिम्मा अपने कंधों पर लिया।

बजरंग दल ने बच्चों की तलाश के लिए पूरे जिले में अभियान शुरू किया। गाँव-गाँव, टोला-टोला जाकर कार्यकर्ता पूछताछ करते रहे। उन्होंने उन इलाकों में भी खोजबीन की, जहाँ आमतौर पर कोई नहीं जाता। यह सब किसी पुरस्कार या नाम के लिए नहीं, बल्कि दो मासूम जिंदगियों को सुरक्षित घर लौटाने के लिए किया गया।

आख़िरकार 14 जनवरी, यानी 13वें दिन, वह पल आया जिसका सभी को इंतजार था। रामगढ़ जिले के चितरपुर प्रखंड के पहाड़िया जहाने इलाके में बजरंग दल चितरपुर समिति के कार्यकर्ताओं ने दोनों बच्चों को गुलगुलिया दंपति के पास से सकुशल देखा।

बजरंग दल चितरपुर के संयोजक सचिन प्रजापति, डबलु साहु और सन्नी सहित बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तुरंत बच्चों की पहचान की और बिना देरी किए बच्चों के मां-बाप को फोन किया और इन बच्चों की पहचान कराई। इसके बाद उन्होंने पुलिस को भी सूचना दी। इसके बाद दोनों बच्चों को सुरक्षित रूप से पुलिस के हवाले कर दिया गया।

जब बच्चों के सुरक्षित मिलने की खबर परिजनों तक पहुँची, तो वह पल शब्दों में बयान करना मुश्किल था। 13 दिनों की चिंता, डर और आंसुओं के बाद आखिरकार घर में राहत और खुशी लौटी।

पुलिस बच्चों और बच्चा चोर दंपति को रामगढ़ पुलिस मुख्यालय ले गई। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी देंगे।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की खुले दिल से सराहना हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब हालात मुश्किल थे, तब कुछ युवाओं ने इंसानियत को जिंदा रखा

इस मामले पर बजरंग दल रामगढ़ जिला के मंत्री छोटू वर्मा ने कहा कि समाज में किसी भी तरह का संकट आता है तो बजरंग दल सबसे पहले खड़ा होता है। सिर्फ रामगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड में बजरंग दल के कार्यकर्ता जगह-जगह इन बच्चों की तलाश कर रहे थे। अच्छी बात यह रही कि बच्चे सकुशल अपने माता-पिता से मिले इसके लिए उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं का धन्यवाद व्यक्त किया और इसी तरह क्षेत्र राज्य और राष्ट्र की सेवा करते रहने की नसीहत दी।

इस मामले पर झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि रांची के धुर्वा इलाके से 2 जनवरी से लापता दो मासूम बच्चों, अंश कुमार राय और अंशिका कुमारी की सुरक्षित बरामदगी से सभी को राहत मिली है। उन्होंने बताया कि बजरंग दल ने बच्चों की तलाश में व्यापक अभियान चलाया, जिसमें कार्यकर्ताओं ने संदिग्ध स्थानों पर लगातार खोजबीन की। मरांडी ने बजरंग दल के सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा के घेराव और प्रदर्शन से प्रशासन पर दबाव बढ़ा, जिससे पुलिस की तत्परता के साथ यह सफलता हासिल हुई। उन्होंने बजरंग दल, पुलिस और अभियान से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

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