उत्तर प्रदेश में बरेली की फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने बलात्कार के एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि ये प्रायोजित तौर पर ‘लव जिहाद’ का मामला है जिसमें विदेशी फंडिंग से इनकार नहीं किया जा सकता.
यह फ़ैसला अपर सेशन जज रवि कुमार दिवाकर ने सुनाया है.
बरेली की फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने धर्म छिपाकर विवाह करने के एक मामले में फ़ैसला सुनाया है जिसकी काफ़ी चर्चा है. इस मामले में अपराध साबित होने के बाद अपराधी को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है.
पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि मोहम्मद आलिम नाम के एक व्यक्ति ने अपना नाम बदलकर पहले उनसे शादी की और फिर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया.
पीड़िता की शिकायत पर बरेली पुलिस ने आईपीसी की धारा 376(2) (एन), 323, 506 और 504 के तहत मुक़दमा दर्ज किया था