प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को नागालैंड के दीमापुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे. इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने पीएम मोदी का बेहद खास तरीके से स्वागत करते हुए उनको एक भाला भेंट किया. दरअसल, नागालैंड के लोगों को अपने हथियार बेहद पसंद होते हैं. वो इसलिए क्योंकि अतीत में उनका जीवन इन्हीं हथियारों पर टिका था. भाला और दाव नागाओं के सबसे खास हथियार हैं. भाला पूरी तरह से लोहे का बना होता है और वे इसका इस्तेमाल शिकार और युद्ध के लिए करते हैं. बेहद खास अवसरों पर उपयोग किए जाने वाले भाले को बकरी के बालों से सजाया जाता है. पीएम मोदी इस दौरान मंच पर नागालैंड की पारंपरिक जनजातीय पोशाक में नजर आए.
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि कांग्रेस पूर्वोत्तर को एटीएम की तरह इस्तेमाल करती थी, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) क्षेत्र के आठ राज्यों को ‘अष्टलक्ष्मी’ मानती है और यहां शांति एवं विकास के लिए काम कर रही हैदीमापुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नागालैंड में स्थायी शांति लाने का प्रयास कर रहा है ताकि राज्य से सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 को पूरी तरह से हटाया जा सके.
उन्होंने कहा, ‘देश अपने ही लोगों पर अविश्वास करके नहीं, बल्कि अपने लोगों का सम्मान करके और उनकी समस्याओं का समाधान करके चलता है. पहले पूर्वोत्तर में विभाजन की राजनीति थी, अब हमने इसे दिव्य शासन में बदल दिया है. भाजपा धर्म और क्षेत्र के आधार पर लोगों के साथ भेदभाव नहीं करती है
कांग्रेस शासन के दौरान नागालैंड में राजनीतिक अस्थिरता का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि देश की सबसे पुरानी पार्टी ने पूर्वोत्तर को दिल्ली से रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित किया और दिल्ली से दीमापुर तक वंशवाद की राजनीति को प्राथमिकता देते हुए इसके विकास के लिए आवंटित धन की हेराफेरी की.प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भाजपा नीत राजग ने नागालैंड को चलाने के लिए तीन मंत्र अपनाए हैं- शांति, प्रगति और समृद्धि. उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रौद्योगिकी का उपयोग करके भ्रष्टाचार में एक बड़ी सेंध लगाई है, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली से भेजा गया पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा किया जाता है.