ग्वालियर। ग्वालियर विकास प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2019-2020 का आय-व्यय तथा 2020-2021 का बजट बोर्ड की बैठक के बाद पत्रकारों के समक्ष पेश किया गया। इस 2019-2020 के बजट में 4270.85 लाख (बयालीस करोड सत्तर लाख पिच्चासी हजार रूपये ) एवं व्यय 2981.99 लाख (उनतीस करोड इक्यासी लाख निन्यालवे हजार रूपये ) का होकर 1288.86 लाख (बारह करोड अठासी लाख छियासी हजार रूपये ) का शुद्ध लाभ हुआ है। प्रशासक एवं संभागायुक्त एमबी ओझा ने कहा कि जीडीए द्वारा विकास कार्यों को गति प्रदान कर गरीबों और समाज के पिछडे वर्ग को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किये जायेंगे। जीडीए बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2020-2021 के लिये बजट में आय राशि 36098.38 (तीस सौ साठ करोड अनठानवे लाख अडतीस हजार रूपये ) का प्रावधान किया जाकर प्राधिकरण की लक्ष्य पूर्ति होने पर राशि 3980.05 लाख (उनतालीस करोड अस्सी लाख पांच हजार रूपये ) का शुद्ध लाभ होना संभावित है। उक्त जानकारी आज प्रशासक एवं संभागायुक्त एमबी ओझा , सीईओ जीडीए वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्राधिकरण के लंबित कार्य तेज गति से निबटाने के साथ ही कुछ नई व्यावसायिक एवं आवासीय योजनाओं को शुरू किये जाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे समाज के गरीब एवं पिछडे वर्गों का भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी जीडीए हमेशा प्रतिबद्ध रहा है। उन्होने बताया कि प्राधिकरण अपनी नई योजनाओं में शताब्दीपुरम योजना फेज -3 एवं फेज 4 से लगी ग्राम मऊ , जमाहर, अकबरपुर , सालसा की 154 हेक्टेयर भूमि पर विकास योजना तैयार कर रहा है। वहीं शताब्दीपुरम से पुरानी छावनी तक 40 मीटर चौडे मार्ग के दोनों ओर 200-200 मीटर के क्षेत्र में आवासीय सह वाणिज्यक योजना भी तैयार की जा रही है। इसी प्रकार से शताब्दीपुरम से मुरैना -झांसी बायपास तक 30 मीटर चौडी सडक़ के दोनों ओर आवासीय सह वाणिज्यक योजना तैयार करने की योजना है। उन्होंने बताया कि सिटी सेंटर में एक और व्यावसायिक परिसर का निर्माण , मेला मैदान गांधी रोड क्रमांक 2 ए तथा इंजीनियरिंग कालेज के पीछे ( भाऊ साहब पोतनीस इन्कलेव फेज 3 ) सिटी सेंटर आवासीय योजना 110 बीघा , पुनर्घनत्वीकरण योजना पार्क होटल आदि, पडाव थाने के परिसर , आरओबी के पास , पीपीपी मॉडल के आधार पर जेए अस्पताल समूह की भूमि पर व्यवसायिक प्रोजेक्ट का निर्माण, प्राधिकरण द्वारा स्वयं के व्यय से सिटी सेंटर में कार्यालय भवन का निर्माण, गोला का मंदिर चौराहा और ग्राम सिरोल में जिला प्रशासन से आवंटित भूमि पर मैरिज गार्डन तैयार करने की योजना प्रस्तावित है। प्राधिकरण की पुरानी योजनाओं में रिक्त पडी भूमि जिन पर भू माफियाओं की नजर रहती है , उनको अतिक्रमण मुक्त कराकर विक्रय करने की व्यवस्था को आगे बढाने एवं पूर्व में विकसित योजनाओं को नगर निगम को हस्तांतरित कर उन क्षेत्रों में निवासरत जन सामान्य के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करना भी प्राधिकरण की योजना में शामिल है। संभागायुक्त एमबी ओझा ने बताया कि जीडीए की विभिन्न नोटिफाइड स्कीम की जो भूमियां विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन है उनमें मजबूती से पक्ष रखकर जेएएच मेंं 3155 वर्ग मीटर भूमि प्राधिकरण के पक्ष में निर्णीत हुई है। विभिन्न न्यायालयों से विकास योजनाओं की भूमियों पर दिये गये स्थ्गन आदेश – यथा स्थिति बनाये रखने के आदेश को रिक्त कराने का सार्थक प्रयास किया गया है। पत्रकार कालोनी का विवाद का भी निराकरण करने में सफलता मिली है। माधव प्लाजा व्यवसायिक काम्पलेक्स में पर्यावरण की मंजूरी का विवाद निराकरण कराया है। वहीं सिया से भी पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त कर ली गई है। उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारियों का सांतवा वेतनमान स्वीकृत कर पूर्व की बकाया राशि का भुगतान भी कर दिया गया है। प्राधिकरण की आवासीय एवं व्यवसायिक योजनाओं में वाटर हार्वेस्टिंग कराया गया है। वहीं प्राधिकरण को ऑन लाइन करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। हितग्राहियों की राशि जमा करने की सूचना एसएमएस के जरिये भेजने की व्यवस्था की जा रही है। डिफाल्टरों को नोटिस ऑनलाइन भेजने की सुविधा की जा रही है। वहीं पांच सोसायटियों कुंदन गृह निर्माण समिति , ग्वालियर गृह निर्माण समिति , स्याद्वाद गृह निर्माण समिति , शांतिकुंज गृह निर्माण समिति , श्यामा गृह निर्माण समिति तथा 21 वीं सदी गृह निर्माण समिति के विरूद्ध आपराधिक मामले दर्ज कराकर वसूली की कार्रवाई की जा रही है। 26 गुम नस्तियों के संबंध में 16 नवीन नस्तियों का निर्माण कर लिया गया है। 6 नस्तियां कार्यालय में ही खोज ली गई है।4 नस्तियां निर्माणाधीन है। इस मौके पर संयुक्त संचालक टीएनसीपी व्हीके शर्मा, सदस्य बोर्ड आरके गुप्ता, ईई डीडी मिश्रा , मीडिया प्रभारी अशोक मिश्रा आदि अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।