कांग्रेस हाईकमान भले ही जोतिरादित्य सिंधिया को मध्यप्रदेश में भावी मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में प्रस्तुत करने के लिए उनका रास्ता साफ करने के प्रयास में जुटा है लेकिनऐसा लगता है गुटबाजी में फंसी कांग्रेस में जोतिरादित्य की राहें इतनी आसान नहीं हैं अब इस बात के संकेत मिले हैं कि सिंधिया गुट के प्रबल विरोधी और दस वर्षों तक लगातार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजयसिंह विधानसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रियता बढ़ाने जा रहे हैं। इससे पहले खबर आई थी कि सिंधिया विरोधी एक अन्य गुट के कांग्रेसी नेता कमलनाथ को सिंधिया की राह से दूर करने के लिए कांग्रेस हाईकमान उन्हें मध्यप्रदेश की राजनीति से दूर कर कांग्रेस का कोषाध्यक्ष बनाने की तैयारी कर रही है अभी इस पद पर मध्यप्रदेश के ही वयोवृद्ध कांग्रेसी मोतीलाल वोरा काबिज हैं। लेकिन अब दिग्विजयसिंह के मध्यप्रदेश में सक्रियता की खबर निश्चित ही कांग्रेस हाईकमान का सिरदर्द बढ़ा देगी।
दिग्विजयसिंह के मध्यप्रदेश की राजनीति में पुनः सक्रीय होने की बात दिग्विजयसिंह के खासमखास गोविंद सिंह ने आज कही है गोविंद सिंह ने दावा किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में सूबे की सत्ता पर कांग्रेस का ही कब्जा होगा। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री गोविंद सिंह का कहना है कि मप्र की जनता बीजेपी की योजनाओं से इतना परेशान हो चुकी है कि अब भाजपा को वोट नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह जो कहते हैं वह करते हैं, उन्होंने 10 साल प्रदेश की राजनीति से दूर रहने का वचन दिया था जिसे उन्होंने निभाया। अब उन्होंने वादा किया कि वे नर्मदा परिक्रमा करेंगे, तो राजनीति छोड़कर नर्मदा परिक्रमा में लगे हुए हैं। गोविंद सिंह ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा के बाद वे मध्यप्रदेश की राजनीति में सक्रिय होंगे ।