कमलनाथ सरकार को धराशायी करने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ नरोत्तम मिश्रा ने एकबार पुनः यह सिध्द कर दिया है की शिवराज सरकार में यदि सबसे दमदार कोई चेहरा है तो वह नरोत्तम मिश्रा का ही है। यह बात हम यूं ही नहीं लिख रहे आज शिवराज सरकार के मिनी मंत्रिमंडल पर नजर डालते ही यह स्वतः स्पष्ट हो जाता है। यह मिनी मंत्रिमंडल कैसे डॉ नरोत्तम मिश्रा को सबसे दमदार चेहरा निरूपित करता है इसका पहला प्रमाण यह है की ग्वालियर चम्बल अंचल से वे एकमात्र नेता हैं जिन्हें शिवराज सरकार में स्थान दिया गया है। यह इस कारण भी महत्वपूर्ण है की पार्टी में हाल ही में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के कई ऐसे समर्थक नेता भी अब भाजपा में आ चुके हैं जो कमलनाथ सरकार में मंत्री थे। और यह लोग ग्वालियर अंचल से ही तालुकात रखते हैं। पार्टी ने इनमें से किसी को जगह न देकर डॉ मिश्रा को मंत्रिमंडल में शामिल किया। दूसरा वह कारण जो यह सिद्ध कर रहा है की भाजपा में डॉ मिश्रा कितना बड़ा वजन रखते हैंयह है ,आज घोषित मंत्रिमंडल में डॉ मिश्रा उन तीन मंत्रियों में शामिल हैं जिनपर पार्टी ने विश्वास किया है। उल्लेखनीय है की मध्यप्रदेश में पार्टी से जुड़े कई बड़े नाम हैं जैसे की पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह,विपक्ष के नेता रहे गोपाल भार्गव आदि ,इन्हें शामिल न करना और डॉ मिश्रा को मंत्रिमंडल में तवज्जो मिलना साफ संकेत है की पार्टी में अब उनके समकक्ष कोई नहीं । यहां बताना उपयुक्त होगा की जिस समय पार्टी चुनाव हारी थी उस समय से लेकर वर्तमान में पुनः भाजपा सरकार के गठन के दोरान पार्टी हाईकमान ने डॉ मिश्रा की अदभुत संगठन क्षमता का बखूबी इस्तेमाल किया और वे इसमें सौ प्रतिशत सफल भी रहे। यही कारण है की दिल्ली हाईकमान की गुडबुक में डॉ नरोत्तम मिश्रा का नाम काफी ऊपर आ गया है।
डॉ नरोत्तम मिश्रा ने फिर दिखाई दमदारी, पार्टी ने स्वीकारी उपयोगिता
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