विजयदशमी के अवसर पर नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत स्वयंसेवकों को संबोधित किया.साल 1925 में विजयदशमी के दिन ही नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी. इस दृष्टि से संघ सौ वर्ष का होने जा रहा है.
इस अवसर पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शस्त्र पूजन किया. कार्यक्रम में इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ के राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान नागपुर के स्वयंसेवकों ने पारंपरिक पथ संचलन में भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान आरएसएस बैंड ने अपनी प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया. नागपुर में सुबह से ही बारिश होने के बावजूद स्वयंसेवकों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई. तमाम स्वयंसेवकों ने धैर्यपूर्वक और पूरे जोश के साथ समारोह में भाग लिया. इसके अलावा, आरएसएस कार्यालय पर संघ का ध्वजारोहण भी किया गया. मोहन भागवत ने इस अवसर पर सभी देशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया. आरएसएस का यह उत्सव हर साल की तरह इस बार भी सांस्कृतिक और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया.
परिस्थितियां चुनौतियां देती हैं, हमें भविष्य के लिए तैयार होना है: मोहन भागवत
नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक. संघ द्वारा आयोजित विजयादशमी उत्सव में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शस्त्र पूजन के बाद अपने संबोधन में विज्ञान, हिंदुओं पर होते हमलों, सनातन मूल्यों, हमास इजरायल समेत तमाम मुद्दों पर राय रखी। उन्होंने भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का मंत्र भी दिया.
मोहन भागवत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अहिल्याबाई होल्कर और दयानन्द सरस्वती द्वारा देश सेवा के लिए किए गए कार्यों का जिक्र किया. कहा कि आज के दिन अपने कार्य के सौ वर्ष में संघ पदार्पण कर रहा है. ये विशेष इसलिए भी है क्योंकि महारानी दुर्गावती, महारानी होल्कर और महर्षि दयानंद का भी 200वां जन्म जयंती वर्ष चल रहा है. इनकी याद करना इसलिए जरूरी है कि इन लोगों ने देश, समाज और संस्कृति के हित में काम किया.
दयानन्द सरस्वती को याद करते हुए मोहन भागवत ने कहा, “लंबी गुलामी के बाद जो भारत का पुनरुत्थान शुरू हुआ, उसके पीछे दयानंद सरस्वती थे. अपने मूल को समझकर काल सुसंद आचरण करें. उन्होंने जनों की जागरूक करने का महा प्रयास किया है. उनकी वजह से ही आगे चलकर कई तरह के आंदोलन भी हुए. आज उनको याद करने का भी समय है.”
उन्होंने आगे कहा कि परिस्थितियां हमें चुनौतियां देती हैं, फिर चाहे वो दुनिया की हों या देश की हमें भविष्य के लिए तैयार होना है, भविष्य इस तकनीक के कारण कई नई सुविधाएं लेकर आएगा, विज्ञान कई सुविधाएं लेकर भी आया है। इस सुखी मानव समाज में अपने स्वार्थ और अहंकार के कारण कैसे-कैसे संघर्ष चलते हैं. यह हम देखते रहते हैं.
शास्त्र और परिणाम को भी दुनिया स्वीकार कर रही है : भागवत
जम्मू-कश्मीर में हुए चुनावों को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के चुनाव भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गए. इसका ही परिणाम हम देखते हैं कि सारी दुनिया में भारत की साख बढ़ी है. हमारा योग सारी दुनिया में एक फैशन बनता जा राह है. उसके शास्त्र और परिणाम को भी दुनिया स्वीकार कर रही है.”
इस मौके पर उन्होंने बांग्लादेश की स्थितियों के बारे में भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा , “सबको पता है कि बांग्लादेश को कौन बहका रहा है. बांग्लादेश में ऐसी चर्चाएं होती हैं कि भारत से हमें ख़तरा है इसीलिए हमें पाकिस्तान को साथ लेना चाहिए वही हमारा सच्चा दोस्त है.”
उन्होंने कहा, “बांग्लादेश में ऐसी राय है कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार है तो हम भारत को रोक सकते हैं. जिस बांग्लादेश को भारत की सहायता से बनाया गया, वहां ऐसी बातें हो रही हैं.”
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों ख़ास तौर से हिंदुओं को लेकर मोहन भागवत ने कहा, “बांग्लादेश में जो हुआ उसके कुछ तात्कालिक कारण हो सकते हैं. लेकिन ऐसा उत्पात अचानक से नहीं हुआ. लेकिन इसके कारण वहां के हिंदू समाज को लेकर जो अत्याचार होते रहते थे उनको फ़िर से दोहराया गया.”
मोहन भागवत ने कहा, “ बांग्लादेश में पहली बार हिंदू संगठित होकर आगे आए इसीलिए कुछ बचाव हो पाया. उनको भारत सरकार और दुनिया भर के हिंदुओं की मदद की ज़रूरत है. इसीलिए हिंदू समाज को यह सोचना चाहिए कि दुर्बल रहना भी एक अपराध है. इसीलिए हिंदुओं को जहां भी रहें वहां संगठित और सशक्त रहना चाहिए.”
इसी साल जुलाई के महीने में बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन के उग्र होने से स्थितियां नियंत्रण के बाहर हो गई थीं.
इन्हीं आंदोलन के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भारत आना पड़ा था.
जिसके बाद मोहम्मद यूनुस की अध्यक्षता में बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का गठन किया गया. इसी दौरान बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, ख़ास तौर पर हिंदू समुदाय के साथ हिंसा की कई सारी ख़बरें भी सामने आईं थीं.
इस मौके पर उन्होंने इसराइल हमास के बीच चल रही लड़ाई का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा “इसराइल और हमास के बीच जो लड़ाई हो रही है वो अब और कितनी व्यापक होगी और उसकी आग में कौन-कौन से देश और झुलसेंगे इसकी चिंता पूरी दुनिया को है.”