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वीडियो दतिया उपचुनाव: बीजेपी के मंच से फूटा डॉ. नरोत्तम मिश्रा का गुस्सा, बोले— “मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं, दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं”

प्रवीण दुबे 

दतिया 16 जुलाई 2026/दतिया विधानसभा उपचुनाव के चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी के मंच से पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का गुस्सा खुलकर सामने आया। अपने संबोधन में उन्होंने दतिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पर निशाना साधते हुए टिकट कटने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के चक्का जाम के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई।

डॉ. मिश्रा ने मंच से कहा, “एसपी साहब, आपने गाड़ियां तोड़ीं, हमारे पास वीडियो हैं। आपको चक्का जाम खुलवाना था, खुलवा लेते, लेकिन कार्यालय पर आंसू गैस के गोले क्यों दागे? क्या कार्यालय उठकर चक्का जाम करने गया था? मैं कुछ भी भूलता नहीं हूं। मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं। निर्दोष लोगों को पीटना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं है।”

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उन्होंने आगे कहा कि वे 3 तारीख तक इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कुरथरा के कार्यकर्ता मुकेश कंवरिया का जिक्र करते हुए कहा कि उसके सिर पर आंसू गैस का गोला लगा, जिससे उसके बाल तक उड़ गए। डॉ. मिश्रा ने कहा कि ऐसे निर्दोष कार्यकर्ताओं पर हुई कार्रवाई ने उन्हें भीतर तक आहत किया है।

अपने संबोधन के दौरान डॉ. मिश्रा भावुक भी नजर आए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, “मेरी सुनो और आनंद भी लो, लेकिन आगे की लड़ाई भी लड़ो। मैं तुम्हारे मन को समझ रहा हूं, तुम भी मेरे मन को समझो। कार्यकर्ताओं की पीड़ा को देखकर मंच पर मेरी आंखों से आंसू निकल गए। आप भी मेरे मन की भावना समझिए।”

डॉ. मिश्रा के इस भावुक और आक्रामक संबोधन के दौरान मंच पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार समर्थन किया। उनके बयान के बाद सभा स्थल पर मौजूद लोगों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई।

गौरतलब है कि भाजपा द्वारा दतिया उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थक कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम किया था। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े और पथराव की घटनाएं भी सामने आई थीं। इन्हीं घटनाओं का उल्लेख करते हुए डॉ. मिश्रा ने पहली बार सार्वजनिक मंच से पुलिस प्रशासन, विशेषकर एसपी की कार्यप्रणाली पर खुलकर नाराजगी व्यक्त की।

दतिया उपचुनाव के प्रचार के बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा का यह बयान राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके तीखे तेवर और भावुक अपील ने चुनावी माहौल में नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दे दिया है।

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