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पंजाब के मंत्री ने की पाकिस्तान की तारीफ तो MP के गृह मंत्री बोले- जिस पार्टी का अध्यक्ष विदेशी हो वो…

 

भोपाल: पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल द्वारा पाकिस्तान की तारीफ करने पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। गृहमंत्री ने कहा कि जिस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष विदेशी होगा उसके नेता विदेश की ही तारीफ करेंगे।

पंजाब की वित्त मंत्री मनप्रीत बादल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गृहमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के मंत्री पाकिस्तान की तारीफ नहीं करेंगे तो क्या हिंदुस्तान की करेंगे? जिस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष विदेशी होगा वह विदेश की तारीफ कर रहे हैं तो हैरानी की बात नहीं। वे तो 10 साल में नेता प्रतिपक्ष भी नहीं बदल पाए इससे बड़ी बात और क्या होगी।

उल्लेखनीय  है कि पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए विवादित बयान दिया है।

दरअसल पहले तो मनप्रीत बादल ने पाकिस्तान की तारीफ करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने अपनी बॉर्डर मैनेजमेंट बहुत अच्छी की हुई है, वहीं बीएसएफ पर  बॉर्डर पार कर  रहे किसानों से अभद्रता का आरोप लगाए उन्होंने कहा कि जिन किसान की जमीन बॉर्डर पर कटीले तारों के पार है, वो सुबह तारों को पार कर किसानी करने जाते हैं और शाम को वापस आते हैं। इन किसानों ने शिकायत की है कि बीएसएफ का किसानों के प्रति रवैया ठीक नहीं है इससे बढ़िया को केंद्र सरकार उस जमीन को रख ही ताकि किसान कहीं और जगह ही खेती कर लें।

 

वहीं मनप्रीत सिंह बादल ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए सोमवार को कहा कि इसमें कृषि क्षेत्र में फैली अशांति, बेरोजगारी और मध्य वर्ग की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को 2021-22 का बजट पेश किया। बादल ने सिलसिलेवार ट्वीट में दावा किया कि बजट में ‘‘समूचे उत्तर भारत’’ की उपेक्षा की गयी।

बादल ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘बजट में कृषि क्षेत्र की अशांति पर कुछ नहीं कहा गया। राजग द्वारा शुरू संकट का समाधान नहीं किया गया। एमएसपी पर भी इसमें कुछ नहीं कहा गया।’ बादल ने कहा कि बजट में बेरोजगारी पर भी कुछ नहीं कहा गया। बादल ने आरोप लगाया, ‘‘महामारी की स्थिति से सही से नहीं निपट पाने के कारण बेराजगारी के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन इस मुद्दे पर बजट में कुछ नहीं कहा गया। मध्य वर्ग की दिक्कतों के समाधान के लिए भी कुछ उपाय नहीं किए गए हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘समूचे उत्तर भारत को नजरअंदाज किया गया। क्यों’ क्योंकि यहां अभी चुनाव नहीं होने हैं। जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उन्हें सौगातें मिली हैं। जैसे कि जिन पांच राज्यों में चुनाव होना है, वहां के लोगों को ही सबसे ज्यादा पद्म पुरस्कार दिए गए।’’

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