प्रवीण दुबे
स्वास्थ्य बीमा से जुड़े पत्रकार हित के एक ही मामले में योगी और मोहन सरकार में मतभिन्नता…???
यह बेहद अफ़सोस जनक है कि भाजपा से जुड़ी अलग अलग प्रदेशों की सरकारों में किसी एक विषय को लेकर ही मतभिन्नता या एक रूपता की बेहद कमी दिखाई देती है।
अब पत्रकारों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं विशेषकर स्वास्थ्य बीमा को ही लीजिये इसमें पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश में भी मध्यप्रदेश की तरह भाजपा सरकार है लेकिन उत्तरप्रदेश की योगी सरकार पत्रकारों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने में उदार नजर आती है वहीं मध्यप्रदेश सरकार कठोर दिखाई देती है।
आज की ही खबर है कि मध्यप्रदेश सरकार ने पत्रकारों के वार्षिक स्वास्थ्य बीमा राशि में लगभग दो गुनी की वृद्धि कर दी है। जिन पत्रकारों का पत्नी और दो बच्चों का बीमा आठ हजार था वह 15 हजार तक कर दिया गया है।
पिछले वर्ष भी पत्रकारों पर ऐसा ही बोझा डाला गया था लेकिन पत्रकारों ने आवाज उठाई तो इस राशि को कम करके राहत दी गई थी लेकिन इस वर्ष एक बार पुनः पत्रकारों का तनाव सरकार ने बढ़ा दिया है जो कि कतई उचित नहीं है।
मोहन यादव सरकार को उत्तरप्रदेश की योगी सरकार की तरह पत्रकारों के हित में उदारता पूर्ण निर्णय लेने की जरुरत है।
योगी सरकार द्वारा पत्रकारों को स्वस्थ रखने के लिए जो स्वास्थ्य योजना चलाई जा रहीं हैं उन्हें हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं आशा है मुख्यमंत्री महोदय इसे देखकर पत्रकार हित में इसे मध्यप्रदेश में भो लागू करने की घोषणा करेंगे।
उत्तरप्रदेश की योगी सरकार की पत्रकार हितेषी योजना
उत्तर प्रदेश सरकार ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों एवं उनके आश्रित परिवारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (एमएमजेएए / आयुष्मान भारत योज़ना) के अन्तर्गत स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराने की सुविधा प्रदान की है। इसके प्रमुख तथ्य और सरकारी आदेश निम्नलिखित हैं:
स्वास्थ्य बीमा एवं आयुष्मान कार्ड सुविधा
5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा। यह घोषणा सितंबर 2020 में की गई थी। यदि पत्रकार कोरोना से मृत्यु हो जाते हैं, तो उनके परिवार को अतिरिक्त 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
आयुष्मान कार्ड के माध्यम से इलाज
पत्रकारों और उनके परिवार को मेडिकल सहायता सुनिश्चित करने के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने की व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें कैशलेस इलाज मिल सके।
शिविरों द्वारा कार्ड वितरण और ई-KYC
21–22 अगस्त 2025 को लखनऊ में विशेष शिविर
उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग तथा स्टेट हेल्थ एजेंसी (साची) के सहयोग से लखनऊ में 21 और 22 अगस्त 2025 को दो दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया।
इसमें मान्यता प्राप्त पत्रकार और उनके आश्रित शामिल हुए, जिन्हें आयुष्मान कार्ड जारी करने या पूर्व में जारी कार्ड को अद्यतन कराने का अवसर मिला। आधार से मेल न खाने वाले विवरण (जैसे नाम, जन्म वर्ष या लिंग) वाले कार्डधारक आधार ई-KYC कर सकते थे।
जिला स्तर पर सूचना एवं निर्देश
संबंधित जिलों में अधिकारियों को यह निर्देश जारी किया गया कि पत्रकारों को शिविर की जानकारी समय रहते दी जाए, ताकि वे लाभ उठा सकें।
सरकारी आदेश
सरकारी आदेश (PDF), दिनांक 7 दिसंबर 2021
एक शासनादेश (संख्या-1268/उन्नीस-1-…) जारी किया गया है, जिसका संबंध “मान्यता प्राप्त पत्रकारों एवं उनके आश्रितों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से आच्छादित करने” से है। इस आदेश में यह स्पष्ट है कि पत्रकार और उनके परिवार को इस योजना से स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराया जाना है।
सुविधा विवरण
स्वास्थ्य बीमा 5 लाख रुपये तक का कवर, यदि मृत्यु होती है तो 10 लाख रुपये
कार्ड वितरण विशेष शिविरों में आयुष्मान कार्ड जारी/अद्यतन करने की सुविधा
आधार ई-KYC यदि विवरण मेल नहीं खाते — आधार ई-KYC और नया कार्ड
सरकारी आदेश 7 दिसंबर 2021 का आदेश, 21–22 अगस्त 2025 शिविर
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इस प्रकार, उत्तर प्रदेश सरकार ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा, आयुष्मान कार्ड जारीगी, शिविरों में कार्ड का अद्यतन और आधार ई-KYC की व्यवस्था, और सरकारी आदेश द्वारा इन लाभों को सुनिश्चित किया है।