ग्वालियर चम्बल अंचल में ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद गली मोहल्ले स्तर तक कमजोर हो चुकी कांग्रेस को लिए नगरीय निकाय चुनाव मे प्रत्याशी तक नहीं मिल रहे हैं यही वजह है की अब शहर से पार्टी के दो विधायक उनके छेत्रों के तमाम वार्डों से टिकट का प्रलोभन देकर भाजपा व अन्य दलों के पार्षदों ,पूर्व पार्षदों को कांग्रेस में लाने की मुहिम में जुट गए हैं। इसमें सर्वाधिक सक्रीयता दक्षिण के कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने दिखाई है। हाल ही में उन्होंने वार्ड 42 के हिन्दू महासभा से पार्षद रहे बाबूलाल चौरशिया को कांग्रेस में शामिल कराया सूत्रों का कहना है की अभी भाजपा के दो पूर्व पार्षद भी उनके सम्पर्क में हैं और उन्हें भी टिकट का लालच देकर कांग्रेस जॉइन कराने का प्रयास श्री पाठक कर रहे हैं। हालांकि श्री चौरसिया का कांग्रेस में लाना अब प्रवीण पाठक के लिए ही परेशानी का सबब बन गया है इसका कारण है हिन्दुमहासभा में रहते चौरसिया द्वारा की गई नाथूराम गोडसे की भक्ति है। इसके लिए बाकायदा हिन्दुमहासभा कार्यालय की वो वायरल तस्वीरें प्रमाण बन गई हैं जिसमें श्री चौरसिया गोडसे की पूजा करते नजर आ रहे हैं। अब इसको लेकर पूरे देश में कांग्रेस की किरकिरी हो रही है और आरोप लग रहे है की कांग्रेस अब अपने गांधीवादी सिद्धांत भूलकर गोडके पूजकों तक को गले लगा रही है। उधर मध्यप्रदेश में भी इस विषय को लेकर कांग्रेस दो फाड़ हो गई है और उसका घमासान सड़कों पर आ गया है।
पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने हिंदू महासभा के नेता बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में शामिल होने पर उठे विवाद पर इशारों में पूर्व सांसद अरुण यादव पर निशाना साधा। विमानतल पर संवाददाताओं से बातचीत में वर्मा ने कहा- जिन लोगों ने पार्टी में ये मुद्दा उठाया, उनके क्षेत्र के दो विधायक गोडसे विचारधारा वाली पार्टी में चले गए। हम तो उस विचारधारा से खींचकर लोगों को गांधी की विचारधारा से जोड़ रहे हैं। इसमें क्या बुराई है। इससे एक बार फिर ये बात साबित हुई कि इस देश में सिर्फ बापू की विचारधारा चलेगी। अरुण यादव ने कहा था कि मैं संघ विचारधारा के खिलाफ लड़ाई सड़कों पर लड़ता हूं।
चौरसिया पर वासनिक बोले- सारे संदर्भ देखने के बाद कुछ कहूंगा
मप्र के प्रभारी कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक शुक्रवार रात इंदौर पहुंचे। विमानतल पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, संगठन मजबूत करेंगे, ये सतत चलने वाली प्रक्रिया है। हिंदू महासभा के बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में शामिल होने पर उठे विवाद पर वे बोले कि जानकारी मिली है, सारे संदर्भ देखने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा। यहां से वे रात में ही ओंकारेश्वर के लिए रवाना हो गए।
बाबूलाल के कांग्रेस में आने का विरोध
ग्वालियर में हिंदू महासभा से जुड़े बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में आने के विरोध में शुक्रवार को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव द्वारा जारी किए गए पत्र से पार्टी के भीतर विवाद और गहरा गया है। यादव ने पत्र में कहा कि महात्मा गांधी और गांधी विचारधारा के हत्यारे के खिलाफ, मैं खामोश नहीं बैठ सकता। मैं आरएसएस विचारधारा को लेकर लाभ-हानि की चिंता किए बगैर जबानी जंग नहीं, सड़कों पर लड़ता हूं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने भी कहा है कि गोडसे के उपासकों की जगह कांग्रेस के बजाए सेंट्रल जेल में होना चाहिए। वहीं, दिग्विजय से जब चौरसिया को लेकर पूछा गया तो उन्होंने दो टूक कहा कि कौन है चौरसिया, मैं नहीं जानता।