Homeदेशफिर गर्माने लगा राममन्दिर मुद्दा,सन्तों ने बुलाई बड़ी बैठक

फिर गर्माने लगा राममन्दिर मुद्दा,सन्तों ने बुलाई बड़ी बैठक

नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर एक बार फिर माहौल गर्माने लगा है. अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर संतो ने बड़ी बैठक बुलाई है. मणिराम दास छावनी में होने वाली इस बैठक की अध्य क्षता रामजन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास करेंगे. वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर जल्द से जल्द मंदिर निर्माण की मांग की है.

 

राम मंदिर निर्माण को लेकर आज अयोध्या में संतों की बड़ी बैठक

 

राम मंदिर निर्माण को लेकर संत आज बड़ी बैठक करने जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इस बैठक में संत समाज कोई बड़ा फैसला ले सकता है. इस बैठक में अयोध्या के संत महंत शामिल होंगे. इसमें विश्वस हिंदू परिषद के नेता भी शामिल होंगे. संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास, रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉ रामविलास दास वेदांती, रामवल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास, दशरथ महल के बिंदुगद्दाचार्य, रंगमहल के महंत रामशरण दास, लक्ष्मणकिलाधीश महंत मैथिली शरण दास, बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास भी इस बैठक में शामिल होंगे.

 

केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर दबाव बनाने पर होगी चर्चा

 

विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय, केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह भी बैठक में शामिल होंगे. 7 जून से 15 जून तक न्यास अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव पर राम मंदिर निर्माण पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी. रामदास छावनी के महंत नृत्य गोपालदास के जन्मोत्सव पर होने वाले एक हफ्ते का कार्यक्रम आज से अयोध्या में शुरू हो रहा है. इस कार्यक्रम के मौके पर अयोध्या में बड़े साधु संत और वीएचपी के कुछ नेता शामिल होंगे और बैठक कर यह विचार करेंगे कि वो ऐसा क्या करें कि राम मंदिर निर्माण को लेकर केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर दबाव बना सकें.

 

सुब्रमण्यन स्वामी ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी

 

वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने भी प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर राम मंदिर निर्माण का काम जल्द-से-जल्द शुरू करवाने की अपील की है. स्वामी ने आज ट्वीट कर इसकी जानकारी दी और राम जन्मभूमि के कानूनी पहलुओं को लेकर अपनी पुरानी राय जाहिर की. उन्होंने लिखा, ‘’पीएम को लिखी एक चिट्ठी में मैंने बताया कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट की अनुमति की दरकरार है. उनको यह गलत कानूनी सलाह मिली है. नरसिम्हा राव ने उस जमीन का राष्ट्रीयकरण कर दिया था और अनुच्छेद 300A के तहत सुप्रीम कोर्ट कोई सवाल नहीं उठा सकता है, सिर्फ मुआवजा तय कर सकता है. इसलिए, अभी से निर्माण शुरू करने में सरकार के सामने कोई बाधा नही है.’’

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