वित्त मंत्री ने कहा कि 6 हजार 850 करोड़ पीएम आवास के लिए प्रावधान है। पीएम जनमन के लिए 900 करोड़, जी रामजी के लिए 10428 करोड़ के प्रावधान किए गए हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40062 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है।
देवड़ा ने कहा कि कृषि वानिकी योजना शुरू की जाएगी इससे सरकार आमदनी बढ़ाने का काम करेगी। वन पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ मिल सके। वहीं, धर्म और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार ने 2 हजार 55 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है।
पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए डिजिटल वर्किंग को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसके तहत अब तक 14 लाख से अधिक ई-समन और वारंट जारी किए जा चुके हैं। साथ ही, पुलिसकर्मियों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने के लिए 25 हजार टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता लाई जा सकेगी।
राज्य सरकार ने आगामी सिंहस्थ आयोजन की तैयारियों के लिए अब तक 13 हजार 851 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के बजट में सिंहस्थ के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिससे अधोसंरचना, यातायात, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।
पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुलिसकर्मियों के लिए 11000 नए आवास बनाए गए हैं। 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन के अंतर्गत तलाक शुदा पुत्री को भी परिवार पेंशन देने का फैसला लिया गया है।
सिंहस्थ महापर्व के लिए बड़ा एलान
सरकार ने सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों को लेकर बड़ा एलान किया। बजट भाषण में कहा गया कि भारतीय संस्कृति और हिंदू आस्था के इस वैश्विक आध्यात्मिक आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार समयबद्ध कार्ययोजना पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 13 हजार 851 करोड़ रुपये के विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन और अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बजट में बताया गया कि इंदौर-उज्जैन मार्ग के सिक्स लेन चौड़ीकरण के लिए 1 हजार 164 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत स्वीकृत की गई है। इसके अलावा इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण के लिए 1 हजार 370 करोड़ रुपये तथा उज्जैन बायपास मार्ग के लिए 701 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं से सिंहस्थ के दौरान आवागमन को सुगम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में सिंहस्थ से संबंधित कार्यों के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। सरकार ने कहा कि आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसके साथ ही नगरीय विकास को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है। वर्ष 2026-27 के लिए नगरीय विकास मद में 21 हजार 561 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिससे शहरों में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।