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बारह घंटे से अधिक लम्बी चर्चा के बाद देर रात लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पास

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024  पारित कर दिया  गया है। वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 लोकसभा में पारित हुआ। विधेयक के पक्ष में 288 वोट, विधेयक के खिलाफ 232 वोट पड़े। क्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित होने पर तमाम विरोधिओं ने कहा, “…हमने अपनी बात रखी। हम इस बिल के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और सड़कों पर उतरेंगे जैसा हमने किसान आंदोलन किया था…”

पास होने से पहले संसद में इसपर बारह घंटे से अधिक चर्चा की गई। बिल प्रस्तुत करने के बाद कांग्रेस व अन्य विपक्ष ने  जमकर हंगामा किया। गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक पेश करते हुए जवाब दिया।

सरकार ने जहां विधेयक को मुस्लिमों के हित में एक सुधारात्मक कदम बताया वहीं विपक्ष ने  पुरजोर विरोध किया। विपक्षी दलों का कहना था कि विधेयक संविधान का उल्लघंन है और धार्मिक आजादी के खिलाफ है।

लोकसभा में वक्फ बिल पर देर रात तक चर्चा होती रही। इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच गजब की जुगलबंदी देखने को मिली। दो घंटे के अंदर दो बार ऐसा मौका आया जब अखिलेश यादव की बोलती अमित शाह ने हंसते मुस्कुराते हुए बंद करा दी। पहली बार अखिलेश भाषण दे रहे थे और अमित शाह को उठना पड़ा। दूसरी बार अमित शाह भाषण दे रहे थे और अखिलेश यादव ने योगी पर कुछ बोलने के लिए कह दिया। इस पर बिना देरी किए अमित शाह ने कह दिया कि वह भी यूपी में रिपीट कर रहे हैं। हर सुनते ही अखिलेश यादव के खेमे में सन्नाटा छा गया और भाजपा सांसद अपनी मेजें थपथपाते हुए खिलखिलाकर हंस पड़े। अमित शाह भी अपनी हंसी नहीं रोक सके।

ओवैसी ने बिल को ‘असंवैधानिक कृत्य’ बताते हुए वक्फसंशोधन विधेयक की प्रति फाड़ी

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक 2025(Waqf Amendment Bill) को लेकर सरकार पर निशाना साधा। अपने भाषण के दौरान ओवैसी ने बिल को ‘असंवैधानिक कृत्य’ बताते हुए वक्फसंशोधन विधेयक की प्रति फाड़ दी। इस पर जेपीसी प्रमुख ने ओवैसी की निंदा की।

ओवैसी पर भड़के जेपीसी अध्यक्ष

लोकसभा में वक्फ बिल पर बहस के दौरान संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने असदुद्दीन ओवैसी द्वारा वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 को फाड़ने की बात को असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि ओवैसी इस बिल को असंवैधानिक बता रहे हैं, लेकिन असली असंवैधानिक हरकत तो उन्होंने खुद की है। पाल ने लोकसभा में कहा कि संसद में इस तरह से विधेयक को फाड़ना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का अपमान है और यह संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ है।

कांग्रेस, टीएमसी समेत विपक्षी दलों ने क्या कहा?

लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को लेकर किरेन रिजिजू ने जो बातें कही हैं, वो निराधार हैं.

गोगोई ने आरोप लगाया कि जब किरेन रिजिजू बोल रहे थे तो विपक्ष से किसी को भी प्वाइंट ऑफ़ ऑर्डर उठाने का मौक़ा नहीं दिया गया. इसके बाद उनकी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और किरेन रिजिजू से हल्की नोंक-झोंक हो गई.

जमकर बरसे रवि शंकर प्रसाद

वक़्फ़ संशोधन बिल पर संसद में चर्चा में भाग लेते हुए बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों को लेकर कहा कि वो इसका विरोध मजबूरी में कर रहे हैं.

उन्होंने दावा किया कि ये सब सिर्फ़ वोट बैंक के लिए किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, “आज मैं ये सवाल संसद के सामने उठाना चाहता हूं कि कितने स्कूल बने वक़्फ़ की संपत्ति पर? कितने अस्पताल बने वक़्फ़ की संपत्ति पर? कितने स्किल्स सेंटर खुले वक़्फ़ की संपत्ति पर?”

“कितने अनाथालय खुले वक़्फ़ की संपत्ति पर? कितनी बेवा-विधवा बेटियों-महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई-बुनाई सिखाई गई?”

उन्होंने कहा, “आज इस क़ानून के द्वारा वक़्फ़ की ज़मीन को रेग्युलेट करके, उसकी प्रॉपर्टी में फंडिंग अच्छी करके उस ज़मात के लोगों के लिए विश्वास बढ़ेगा, तो इनको (विपक्ष को) परेशानी क्यों होती है?”

इस बीच, लोकसभा में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, “विशेष समाज के लोगों की ज़मीन पर इनकी नज़र है. कल दूसरे समुदाय की ज़मीन पर इनकी नज़र होगी. हम संशोधन के ख़िलाफ़ नहीं हैं, जो संशोधन ये लेकर आए हैं, उससे और समस्या बढ़ेगी.”

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