प्रदेश के प्रमुख नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह. ज्योतिरादित्य सिंधिया और सांसद विवेक तन्खा सबने दूरी बनाए रखी. इनमें से कोई भी नेता भोपाल नहीं पहुंचा.
दिग्विजय सिंह की गिरफ़्तारी नहीं हो सकी. वो टीटी नगर थाने से वापस लौट गए. पुलिस ने कहा जब उनके खिलाफ कोई केस ही दर्ज नहीं है तो फिर गिरफ़्तारी कैसे की जाए. दिग्विजय सिंह लौट तो गए लेकिन कहा कि सीएम शिवराज सिंह माफ़ी मांगें, नहीं तो अब मैं ये मामला कोर्ट में लेकर जाऊंगा. दिग्विजय सिंह की तरफ से रामेश्वर नीखरा ने देशद्रोही मामले की टी टी नगर थाने में लिखित शिकायत की.
दिग्विजय सिंह पूरे लाव-लश्कर के साथ टी टी नगर थाने पहुंचे थे. वो यहां गिरफ़्तारी देने आए थे. लेकिन पुलिस ने कहा जब उनके खिलाफ कोई केस ही दर्ज नहीं है तो फिर गिरफ़्तारी कैसे की जाए. थाने रवाना होने से पहले दिग्विजय सिंह ने कहा था कि सीएम शिवराज सिंह माफ़ी मांगें नहीं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी. दिग्विजय सिंह गिरफ़्तारी देने के लिए कांग्रेस भवन से रवाना हुए थे. पीसीसी चीफ कमलनाथ ने रैली को रवाना किया. रैली में दिग्विजय समर्थकों और कार्यकर्ताओं की तो भारी भीड़ रही, लेकिन प्रदेश के प्रमुख नेताओं नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह. ज्योतिरादित्य सिंधिया और सांसद विवेक तन्खा सबने दूरी बनाए रखी. इनमें से कोई भी नेता भोपाल नहीं पहुंचा.
समर्थकों की इतनी ज़्यादा भीड़ थी कि रवानगी होते ही उनसें धक्का-मुक्की शुरू हो गयी. सबमें दिग्विजय सिंह से मिलने और उनके साथ चलने की होड़ रही. रैली को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतज़ाम किए. समन्वय भवन से लेकर टीटी नगर थाने तक रोड पर हर तरफ बेरिकेड्स थे. पुलिस सीसीटीवी के ज़रिेए लगातार नज़र बनाए हुए थी. पुलिस के कुल 1000 जवान तैनात थे . खुद एसपी और उनके साथ 8 टीआई, 5 सीएसपी, और 3 एएसपी मुस्तैद रहे.
PHQ से सख़्त निर्देश थे कि हंगामा होने पर पुलिस सबसे सख़्ती से निपटे. अगर मौखिक समझाने और चेतावनी देने से कार्यकर्ता नहीं मानें तो लाठीचार्ज कर दिया जाए. वॉटर केनन, आंसू गैस सहित तमाम इंतज़ाम भी पुलिस ने कर रखे थे.
दिग्विजय सिंह ये गिरफ़्तारी उन्हें देशद्रोही कहे जाने के विरोध में देने आए हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान 19 जुलाई को सतना में कहा था कि दिग्विजय सिंह की हरक़तें देशद्रोही के समान हैं. उस पर दिग्विजय ने कहा ‘अगर मैं देशद्रोही हूं तो मुझे गिरफ़्तार करो’. मैं एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते गिरफ़्तारी देने आया हूं.