सेब बेहद स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर फल है. सेब खाना सेहत के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि रोज एक-दो सेब खाने से सेहत अच्छी बनी रहती है और कई परेशानियां दूर हो जाती हैं. कई लोग मानते हैं कि सेब खाना हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा होता है और इससे कोलेस्ट्रॉल लेवल कम हो सकता है. कोलेस्ट्रॉल का स्तर ज्यादा हो जाए, तो इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में इसे कंट्रोल करना बेहद जरूरी होता है. अक्सर सवाल उठता है कि क्या वाकई सेब खाने से शरीर में जमा बैड कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है?
स्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक रोज दो सेब खाने से शरीर में जमा बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम हो सकता है. सेब में भरपूर मात्रा में सॉल्युबल फाइबर पेक्टिन होता है. यह पेक्टिन आंतों में जाकर कोलेस्ट्रॉल को बांधने का काम करता है और शरीर से बाहर निकाल देता है. इसके अलावा सेब में फ्लेवोनॉयड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो धमनियों में सूजन को कम करते हैं और हार्ट की सेहत को सुधारते हैं. सेब खाने से हार्ट को हेल्दी रखा जा सकता है.
स्टडी के मुताबिक रोज 2 सेब खाने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में गिरावट देखी गई. 2020 में प्रकाशित एक रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों ने 8 हफ्तों तक हर दिन सेब खाया, उनका एलडीएल कोलेस्ट्रॉल औसतन 4% तक घट गया. ये नतीजे बताते हैं कि सेब सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि एक नेचुरल दवा की तरह काम कर सकता है. सेब को छिलके सहित खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि छिलके में ही फाइबर और पॉलीफेनोल्स ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं. सुबह के नाश्ते में या दिन के किसी भी समय जब हल्की भूख लगे, सेब खाना बेहतर होता है. ध्यान रखें कि सेब को जूस बनाकर पीने के बजाय पूरा फल खाएं.
जो लोग हार्ट डिजीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं, वे लोग सेब को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. यह न केवल कोलेस्ट्रॉल घटाता है, बल्कि वजन को नियंत्रित रखने, ब्लड प्रेशर बैलेंस करने और पाचन सुधारने में भी मदद करता है. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी सेब सुरक्षित होता है, बशर्ते इसे सीमित मात्रा में खाया जाए. सेब कोलेस्ट्रॉल कम करने में असरदार साबित हो सकता है, लेकिन इसका असर तभी दिखेगा जब इसे संतुलित आहार और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ जोड़ा जाए. रेगुलर एक्सरसाइज करें, स्मोकिंग से दूरी बनाएं और कम फैट वाली डाइट लें. समस्या ज्यादा हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें.