हिंदू धर्म में होली के त्योहार को बहुत बड़ा पर्व माना जाता है. होली के एक दिन पहले होलिका दहन की जाती है. हिंदू पंचांग के अनुसार होलिक दहन हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर भद्रा रहित काल में होता है. लेकिन इस वर्ष फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि दो दिन की होगी जिस कारण से होलिक दहन की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में इस बार होलिका दहन की तिथि 6 और 7 मार्च के बीच बन रही है. दरअसल, इस साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि 6 मार्च की शाम से शुरू होकर 7 मार्च की शाम को खत्म हो जाएगी. ऐसे में पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन की तारीख को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है. आइए जानते है होलिका दहन की सही तारीख और मुहूर्त के बारे मे
ज्योतिष शास्त्र और हिंदु पंचांग की गणना के अनुसार हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि और भद्रा रहित प्रदोष काल में होलिका दहन करना शुभ माना जाता है. ऐसे में इस साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि 06 मार्च की शाम 04 बजकर 17 मिनट से शुरू हो जाएगी जो अगले दिन यानी 07 मार्च की शाम 06 बजकर 09 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. ऐसे में अब प्रश्न उठता है कि आखिरकार होलिका दहन कब किया जाय क्योंकि होलिका दहन हमेशा भद्रा रहित काल में करना शुभ माना जाता है.
6 मार्च, 2023 की शाम को पूर्णिमा तिथि लग जाएगी वहीं इसी के साथ भद्रा भी शुरू हो जाएगी. भद्रा के रहते होलिका दहन करना वर्जित माना जाता है. भद्रा 7 मार्च को सुबह 5 बजकर 15 मिनट पर खत्म हो जाएगी जिस कारण से इसके बाद होलिका दहन किया जा सकता है. इस तरह से की ज्योतिषाचार्य होलिका दहन 7 मार्च को करने की सलाह दे रहे हैं.