मध्यप्रदेश में टिकट वितरण के बाद भाजपा ,कांग्रेस दोनों में ही बड़ी बगावत सामने आई है भाजपा से पूर्व मंत्री सरताज सिंह ने भाजपा छोड़ कांग्रेस से चुनाव लड़ने की घोषणा की है उधर इतना ही बड़ा झटका कांग्रेस को लगा है पार्टी के बड़ी नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कांग्रेस को अलविदा कहकर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है।
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में कांग्रेस में बड़ी बगावत हो गई है। पार्टी को यहां से बड़ा झटका लगा है। इंदिरा के जमाने के खाटी कांग्रेसी नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी के बेटे ने कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से बगावत कर दी। गुरूवार को उन्होंने समाजवादी पार्टी से अपना नामांकन राजनगर विधानसभा सीट से दाखिल किया है। इस दौरन उनके साथ पिता सत्यव्रत भी मौजूद रहे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने टिकट नहीं देकर बड़ी गलती की है।नामांकन भरने के दौरान हजारों की संख्या में लोगों के साथ तहसील प्रांगड़ के बाहर सत्यव्रत चतुर्वेदी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुये अपने परिवार द्वारा दिये गये योगदान को बताया। उन्होंने कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 15 साल से जो गलती की है वो गलती बार बार दोहरा रही है। इसलिए अब वह जनता के बीच जाकर इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगे और एक पिता के रूप में अपने बेटे का प्रचार के दौरन सहयोग करेंगे। नितिन चतुर्वेदी ने बताया कि सत्यव्रत चतुर्वेदी मेरे पिता हैं उनका आर्शीवाद सदैव मेरे साथ है। लेकिन पिता आज भी कांग्रेस में हैं। उधरचुनाव से पहले भाजपा को भी एक और बड़ा झटका लगा है| टिकट काटे जाने से अपनी ही पार्टी से नाराज चल रहे पूर्व मंत्री सरताज सिंह ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है| वे होशंगाबाद सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ेंगे, शुक्रवार को सरताज नामांकन जमा करेंगे| इससे पहले होशंगाबाद में आरओ कार्यालय से सरताज सिंह के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के बतौर फार्म लिया गया, कांग्रेस के स्टेट मीडिया पैनलिस्ट राजेन्द्र ठाकुर ने सरताज के लिए नामांकन फार्म लिया है| जिसके बाद उनके कांग्रेस में जाने की अटकलों को बल मिला था| वहीं सरताज सिंह ने एसबीआई मीनाक्षी शाखा में खाता भी खोला है| कांग्रेस ने पांच बजे जारी की अपनी पांचवी सूची में सरताज सिंह का नाम शामिल किया है, होशंगाबाद से उन्हें प्रत्याशी बनाया गया है|
सरताज चुनाव लड़ने पर अड़े हुए थे, लेकिन पार्टी ने उनका टिकट काटकर किसी अन्य का नाम आगे कर दिया| हालांकि उन्हें मनाने की भी भरपूर कोशिश की गई, लेकिन सरताज दो टूक कह चुके थे कि वह चुनाव जरूर लड़ेंगे| उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने की भी चर्चा रही, इस बीच कांग्रेस ने भी दांव खेलते हुए सरताज को ऑफर दिया| बड़े नेताओं ने सरताज को होशंगाबाद सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की| बीजेपी से नाराज चल रहे सरताज ने आखिरकार कांग्रेस का दामन थाम लिया और अब वह कांग्रेस की टिकट पर चुनावी मैदान में नजर आएंगे| पार्टी ने उनके नाम की घोषणा कर दी है|