कई जगह से आक्रोश की खबरें
भाजपा प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व ग्वालियर महानगर में मंडल अध्यक्षों को लेकर जारी घमासान को हल करने में नाकामयाब रहा है यही कारण है कि पार्टी नेतृत्व पूरे 17 मंडलों में अध्यक्ष की घोषणा नहीं कर सका है पार्टी नें ग्वालियर महानगर के 17 में से केवल 13 मंडलों के अध्यक्ष घोषित किए हैं और 4 मंडलों को होल्ड पर रखा गया है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में भारतीय जनता पार्टी ने अपने मंडल अध्यक्ष घोषित कर दिए हैं ,आपको बता दें कि भाजपा जिला ग्वालियर नगर में निर्धारित मापदंडों के आधार पर संपन्न हुई मंडल अध्यक्ष निर्वाचन प्रक्रिया के उपरांत भाजपा ने लिस्ट जारी कर दी है।
महत्वपूर्ण बात यह है क़ि जिस तरह पहले ग्रामीण सूची में डबरा मंडल अध्यक्ष को होल्ड पर रखा गया और अब आज जारी की गई ग्वालियर महानगर के मंडल अध्यक्ष की सूची भी पूरी जारी नहीं हो सकी है यहां के कुल 17 मंडलों में 13 के अध्यक्ष ही घोषित किए गए हैं.यहां 4 मंडलों को होल्ड पर रखा गया है।
जिन मंडलों को होल्ड पर रखा गया है उनमें दक्षिण का श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व विधानसभा का सावरकर और महाराणा प्रताप मंडल तथा वीर दुर्गादास मंडल शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि होल्ड पर रखे गए चारों मंडलों में पार्टी नेतृत्व के लिए गुटबाजी और वर्चस्व की लड़ाई सिरदर्द बन गई और अंततः पार्टी नेतृत्व यहां मंडल अध्यक्ष की घोषणा को टालने पर मजबूर हो गया। पार्टी नें फिलहाल इस पर अधिकृत रूप से कोई बयान जारी नहीं किया है।
उल्लेखनीय है कि पार्टी द्वारा बुधवार को ग्वालियर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष की सूची जारी की गई थी
सूची आने के बाद दो जगह विरोध के स्वर सुनाई पड़ रहे हैं। इनमें छीमक मंडल में जितेंद्र सुमन का कार्यकर्ता इसलिए विरोध कर रहे हैं कि वह पूर्व में बसपा में थे। कुछ समय पहले ही इमरती देवी के समर्थन में भाजपा में शामिल हुए हैं।
वहीं, पिछोर मंडल में युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष नवल सिंह राणा नवनियुक्त मंडल अध्यक्ष मंगल सिंह राणा की उम्र को अधिक बता रहे हैं। उनका दावा है कि मंगल सिंह ने अपनी उम्र कम बताई है, जो भाजपा के क्राइटेरिया से अधिक है। यही कारण है कि उनकी नियुक्ति गलत है।अब ग्वालियर महानगर की सूची आने के बाद ग्रामीण कीरह यहां भी वहीं हालात बनते दिखाई दे रहे हैं।