मध्यप्रदेश में साल के अंत मैं होने वाली विधानसभा चुनावों के मद्देनजर रूटों को मनाने के लिए जिन नेताओं को पिछले दिनों विभिन्न जिलों की कमान सौंपी गई उनमें से ग्वालियर, भिंड, मुरैना जिले के प्रभारी और मंदसौर से सांसद सुधीर गुप्ता ने आज ग्वालियर पहुंचकर अपना काम शुरू कर दिया उन्होंने आज एक निजी होटल में आयोजित पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारियों से संवाद एवं चर्चा कार्यक्रम में माहौल परखने की कोशिश की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एकात्म मानव दर्शन उसका प्रारंभिक दौर ग्वालियर में है भले ही वह कालीकट से देश भर में आया लेकिन उसका मूल ग्वालियर में है। उन्होंने कहा कि राजमाता का स्नेह और आशीर्वाद हम सब कार्यकर्ताओं को मिला है उनकी दिशा और दृष्टि हम सबके बीच में लगातार बनी रहती है।
सांसद श्री सुधीर गुप्ता ने आज मुरैना तथा ग्वालियर महानगर एवं ग्रामीण की बैठक ली वे दिनांक 11 अप्रैल को भिंड जिला के प्रवास पर रहेंगे।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अभय चौधरी ने कहा कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी कहा करते थे कि नए कार्यकर्ताओं को जोड़ो और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना भी चाहिए जिससे हमारी पार्टी आगे बढ़ती है परंतु पुराने कार्यकर्ताओं को सहेजना चाहिए।
मंच पर भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सांसद श्री सुधीर गुप्ता, मध्य प्रदेश शासन के मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर महानगर जिला अध्यक्ष श्री अभय चौधरी तथा ग्रामीण जिला अध्यक्ष श्री कौशल शर्मा उपस्थित थे।
इससे पूर्व अतिथियों द्वारा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी एवं पं दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई ।
बैठक का संचालन कार्यक्रम प्रभारी धर्मेंद्र राणा ने किया एवं आभार ग्रामीण जिला अध्यक्ष श्री कौशल शर्मा ने किया।
बैठक में भाजपा शहर और ग्रामीण के पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
संभावित खतरे को भांपते हुए भाजपा ने दिग्गज नेता उतारे
मध्यप्रदेश में आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी किसी भी एंगल पर कमजोरी नहीं छोड़ना चाहती. इसी रणनीति के तहत बीजेपी रूठे हुए नेताओं व कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए प्रदेश के दिग्गज नेताओं को उतार रही है. बीते दिनों भोपाल दौरे पर आए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा के निर्देश पर ये कवायद की जा रही है. इन रूठे नेताओं में कई ऐसे हैं, जिनका अपने क्षेत्र में खासा रसूख होने के साथ ही प्रदेश के कई जिलों में महत्व रखते हैं. बीजेपी को लगता है कि डैमेज होने से पहले कंट्रोल नहीं किया गया तो झटका लग सकता है.
बीजेपी आलाकमान को मिला फीडबैक :दरअसल, बीजेपी आलाकमान को ये फीडबैक मिला है कि असली नुकसान बीजेपी के रूठे नेता ही कर सकते हैं. इसे देखते हुए भाजपा ने पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व केंद्रीय मंत्रियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. पार्टी को लगता है कि 2023 में होने वाले विधासनभा चुनाव से पुराने नेताओं से होने वाले डैमेज को कंट्रोल कर लिया तो फिर जीत पक्की है. केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह को रूठों को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इधर, बीजेपी के वरिष्ठ नेता शैलेन्द्र शर्मा का कहना है कि हमारे यहां सभी नेता परिवार के सदस्य हैं. बीजेपी में कोई नाराज नहीं है तो मनाने का सवाल ही नहीं उठता.
दिग्गज नेताओं को किया तैनात
बीजेपी में पूर्व मंत्री माया सिंह, जयभान सिंह पवैया सहित उम्रदराज होने के बाद भी कृष्ण मुरारी मोघे को भी पार्टी ने जिमेदारी सौंपी है. इसके अलावा सरकार के वरिष्ठ मंत्री गोपाल भार्गव, कैलाश विजयवर्गीय, माखन सिंह, सत्यनारायण जटिया, फग्गन सिंह कुलस्ते, लाल सिंह आर्य, सुधीर गुप्ता और राजेन्द्र शुक्ल को भी डैमेज कंट्रोल के लिए तैनात किया है. ये नेता पूर्व नगर पालिका अध्यक्षों, पार्टी की जिला इकाइयों के पूर्व अध्यक्षों, पूर्व विधायकों, पूर्व संसद सदस्यों और अन्य लोगों के साथ बैठक करेंगे. इसके बाद संगठन को रिपोर्ट सौंपेंगे
रूठों को मनाने की जिम्मेदारी इनको
- नरेंद्र सिंह तोमर: इंदौर, भोपाल, सीहोर
- राकेश सिंह: नर्मदापुरम, बैतूल, मंडला
- प्रभात झा: खरगोन, बुरहानपुर
- गोपाल भार्गव: छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी
- कैलाश विजयवर्गीय: जबलपुर, धार, रीवा, सतना
- जयभान सिंह पवैयाः उज्जैन, शाजापुर, देवास
- माखन सिंह : गुना, शिवपुरी, श्योपुर
- कृष्ण मुरारी मोघे : विदिशा, रायसेन, सागर
- सत्यनारायण जटिया : रतलाम, मंदसौर, नीमच
- फग्गन सिंह कुलस्ते : झाबुआ, अलीराजपुर
- माया सिंह : राजगढ़, नरसिंहपुर, दतिया
- लाल सिंह आर्य: टीकमगढ़, कटनी, पन्ना, छतरपुर
- सुधीर गुप्ता : ग्वालियर, भिंड, मुरैना
- राजेन्द्र शुक्ल: सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, उमरिया, शाहडोल