SC/ST में सुप्रीम कोर्ट ने संशोधन क्या कर दिया, उसके बाद तो जैसे देश की भाजपा विरोधी पार्टियों को हिंदुत्व को बाँटने का नया मौक़ा मिल गया तथा लगभग हर पार्टी अपने अपने तरीके से हिन्दू समाज को बाँटने के बयान देने लगी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जहाँ भारत बंद के दौरान हुए देश में उत्पात को ट्वीट के माध्यम से सलाम किया वहीं बसपा नेताओं ने भी अपने तरीकों से दलित समाज को जनरल कैटेगरी के लोगों के विरुद्ध आक्रोशित किया.
हिन्दू समाज को बाँटने की राजनीति की होड़ में अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी कहाँ पीछे रहने वाली थी. आम आदमी पार्टी ने तो लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया को ही जातिवाद के दंगल में घसीट लिया. पत्रकार से राजनेता बने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता आशुतोष ने एक ट्वीट के माध्यम से मीडिया को जातिवादी बताते हुए निशाना साधा. गौरतलब है कि 2 अप्रैल दलित संगठनों ने भारत बंद के नाम पर देश में जो उन्माद मचाया था उसको लेकर देश की ज्यादातर मीडिया ने सवाल उठाये थे तथा दलितों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की थी कि आखिर ये कौनसा व कैसा आन्दोलन है जिसमें अपने देश को ही जलाया जा रहा है?