ग्वालियर के भितरवार में सनातन धर्म के देवी-देवताओ को अपमानित करने के लिए आयोजित किए गए सम्मेलन के नास्तिकों को श्री दंदरौआ धाम एवं काँक्षी सरकार मंदिर के महंत – श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर संत श्री रामदास जी महाराज ने तीखी प्रतिक्रिया की व्यक्त करते हुए धर्मांतरण पर कड़ा विरोध दर्ज किया है साथ ही चेतावनी दी है कि त्रिदेवों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
श्रीदंदरौआ धाम और काँक्षी सरकार मंदिर से जुड़े लाखों श्रद्धालुओं ने संत श्री की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि ग्वालियर जिले के ग्राम धनकार खुड़िया, तहसील भितरवार में एक बड़े कार्यक्रम के दौरान लगभग 2500 लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया। इस दौरान लोगों को त्रिदेव — ब्रह्मा, विष्णु और महेश — को ईश्वर न मानने की शपथ भी दिलाई गई, जो अत्यंत निंदनीय है।
इस पर श्री दंद्रौआ धाम एवं काँक्षी सरकार मंदिर के महंत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर संत श्री रामदास जी महाराज ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा:
“यह सनातन धर्म और हमारे ईश्वर के अपमान की सीधी घटना है। त्रिदेवों का अपमान भारत की सांस्कृतिक जड़ों को कमजोर करने का प्रयास है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
महाराज श्री ने माँग की है कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच हो,आयोजकों और जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई हो,धर्मांतरण रोकने हेतु स्पष्ट और सख्त कानून बनाया जाए इसके साथ उन्होंने कहा कि:
“सनातन धर्म कोई परंपरा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और भारत की आत्मा है। इसकी रक्षा हर स्तर पर जरूरी है।”
श्री दंद्रौआ धाम और काँक्षी सरकार मंदिर से जुड़े लाखों श्रद्धालु इस घटना से आहत हैं और धर्म की गरिमा की रक्षा हेतु एकजुट हैं।