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भोपाल ग्वालियर सहित मध्यप्रदेश के चार महानगरों से पर्यटक स्थलों के लिए हेलीकॉप्टर सुविधा

नर्मदा घाटी विकास एवं पर्यटन मंत्री  सुरेन्द्र सिंह बघेल ने बताया है कि मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पिछले एक साल में निवेशकों के लिये व्यापक, सरल एवं पारदर्शी पर्यटन नीतियाँ बनाई गई हैं। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर महानगर से प्रदेश के पर्यटन स्थलों के लिये पर्यटकों के लिये हेलीकाप्टर सुविधा शीघ्र शुरू की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की सिंचाई परियोजनाओं से पिछले एक साल में 4 लाख 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों को सिंचाई के लिये पानी उपलब्ध कराया गया। इस वर्ष रबी के लिये एक लाख हेक्टेयर अधिक अर्थात 5 लाख 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि रबी सिंचाई में लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। श्री बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के निर्देश पर पिछले एक वर्ष में पानी की हर बूंद को संग्रहीत कर उपयोग में लाने की दिशा में कार्य किया गया है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं।

माण्डू उत्सव, जल उत्सव और नमस्ते-ओरछा समारोह

पर्यटन मंत्री श्री बघेल ने बताया कि मांडू उत्सव 28 दिसम्बर से एक जनवरी तक मांडव में भव्य स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। हनुमंतियां में 20 दिसम्बर से 20 जनवरी तक जल महोत्सव और 26 से 29 दिसम्बर तक मिन्टो हाल भोपाल में रॉयल कुजीन फूड फेस्टीवल आयोजित किया जायेगा। फूड फेस्टिवल में विभिन्न अंचलों की रॉयल फैमिली के व्यंजनों को उनके कुक्स द्वारा बनाया जायेगा। पर्यटन बोर्ड और संस्कृति विभाग के सहयोग से 11 और 12 जनवरी 2020 को भोपाल में ‘द ग्रेट इन्टरनेशनल इयरली म्यूजिकल फेस्टिवल हृदय दृश्यम’ आयोजित किया जायेगा। नमस्ते-ओरछा समारोह 6 से 8 मार्च तक ओरछा में आयोजित किया जा रहा है।

मंत्री श्री बघेल ने बताया कि हॉट एयर बैलून, वाइल्ड लाइफ रिसोर्ट, मेगा एवं अल्ट्रा परियोजनाओं के लिये आकर्षण अनुदान और रियायते पर्यटन नीति-2019 में दी गई है। प्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा मिला है। इसके अलावा अनूसचित जाति एवं जनजाति के उद्यमियों को एवं दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्थापित की जानेवाली पर्यटन परियोजनाओं के लिये 5 प्रतिशत अतिरिक्त लागत पूँजी अनुदान दिये जाने का प्रावधान किया। प्रदेश में तीन नये फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट की स्थापना प्रस्तावित है। प्रदेश में आनेवाले पर्यटकों को ग्रामीण अनुभव प्रदान करने के लिए पर्यटन स्थलों के समीप स्थित चयनित ग्रामों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दिया जायेगा। पर्यटन के क्षेत्र में हो रहे रोजगार के अवसरों से प्रदेश के युवाओं को जोड़ने के लिये प्रतिष्ठित समूहों के माध्यम से प्रशिक्षण कराने का निर्णय लिया है।

प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के बारे में मंत्री श्री बघेल ने बताया कि ब्राण्डेड होटल प्रोत्साहन नीति, फॉर्म स्टे, ग्राम स्टे योजना (पंजीयन एवं विनियमन) योजना-2019 बनाई गई है। फिल्म पर्यटन नीति-2019 शीघ्र बनाई जा रही है। इसमें वर्तमान में प्रदेश के पर्यटन स्थलों में एवं अंचलों में लगभग 6-7 फिल्म वेबसीरीज की शूटिंग पूरी हो चुकी है और कई की शूटिंग चल रही है। इस वर्ष पर्यटन विभाग द्वारा एम.पी. इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटेलिटी में ट्रेवल्स एण्ड टूरिज्म स्टडीज विषय का बीबीए कोर्स प्रारंभ किया गया है। जल पर्यटन के अन्तर्गत अधिसूचित जल क्षेत्रों में जलक्रीड़ा गतिविधियों के संचालन के लिये 15 अभिस्वीकृति-पत्र एवं लायसेंस जारी किये गये हैं। पर्यटन क्विज प्रतियोगिता में प्रदेश के सर्वाधिक 8000 स्कूलों के 24 हजार छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रदेश के 11 प्रमुख जिलों/ पर्यटन स्थलों में समृद्ध विरासत, प्राकृतिक सुन्दरता, इतिहास, परम्पराओं, ऐतिहासिक धरोहरों से परिचय/ प्रचार-प्रसार के लिये वॉक फेस्टीवल-2019 का आयोजन किया गया।

 

इसके अलावा 12 प्रमुख शहरों में ट्रेवल एजेन्ट और टूर ऑपरेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम एम.पी.एक्सपर्ट और राष्ट्रीय स्तर पर रोड शो का आयोजन विभिन्न राज्यों के 8 शहरों में किया गया। इसके अलावा 14 पर्यटन परियोजनाओं की स्थापना पर 17 करोड़ 69 लाख रुपये पूँजीगत अनुदान दिया गया जिसके फलस्वरूप प्रदेश में 136 करोड़ के पूँजी निवेश किया गया जिससे 543 होटल के कमरों का निर्माण हुआ। जिससे लगभग 2050 लोगों को रोजगार मिला। इसके अलावा क्षेत्रीय यूनिट ओरछा, खजुराहो एवं भोपाल को डेस्टिनेशन वेडिंग फेसिलिटी के रूप में विकसित किया गया। खजुराहो के पास कुटनी डेम में 10 नवीन कमरों के होटल, मणिखेड़ा डेम पर 8 कमरों का होटल और किला कोठी चंदेरी में 6 कमरों के होटल का निर्माण किया गया। बुद्धिष्ट साइट देउरकोठार भरहुत एवं साँची के समीप विकास कार्य किये गये।

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