भोपाल /मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व वरिष्ठ भाजपा नेता श्री गोपाल भार्गव ने रतलाम में बयान दिया है कि “अधिकारी वेश्याओं की तरह कपड़े बदलते हैं, कुछ कहा जाता है तो वह साष्टांग लेट जाते हैं, बगैर रीढ़ के, बगैर मूंछ के, सिर्फ पूँछ है, मैं चेतावनी देता हूं कि जब निज़ाम बदलेगा, वक्त बदलेगा, उस दिन अपनी दुर्गति की कल्पना कर लें, नौकरी करने लायक नहीं रह जाएंगे।” इससे पहले अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के संदर्भ में गोपाल भार्गव ने ऐसा ही सुरक्षा हुआ बयान दिया था।
कांग्रेस ने गोपाल भार्गव को विक्षिप्त मानसिकता का नेता बताया
कांग्रेस पार्टी की ओर से श्रीमती शोभा ओझा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों को डराने और धमकाने की अपनी निंदनीय कोशिश में श्री भार्गव राजनीतिक व सामाजिक शुचिता और गरिमा की सभी सीमाएं लांघ गए हैं। श्रीमती ओझा ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि भाजपा, श्री गोपाल भार्गव को नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्व से मुक्त कर, पहले किसी योग्य मनोचिकित्सक से उनका समुचित परीक्षण करवा कर उनका समुचित इलाज करवाए और किसी मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति को नेता प्रतिपक्ष का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे, जिससे प्रदेश के विकास में भाजपा एक सकारात्मक विपक्ष की प्रभावी भूमिका का निर्वहन कर सके।