भारत ही नहीं पूरी दुनिया के संगीत प्रेमियों के लिए श्रध्दा का केंद्र रहे संगीत सम्राट तानसेन की याद में प्रति वर्ष देश के दिग्गज ख्यातिनाम शास्त्रीय संगीत कलाकार को दिया जाने वाला देश का प्रतिष्ठित तानसेन अलंकरण प्रदान करने और संगीत समारोह में इस प्रसिद्ध संगीतकार को श्रद्धासुमन अर्पित करने क्या मध्यप्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री कमलनाथ ग्वालियर आएंगे। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद तानसेन समारोह मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाला पहला ऐसा राष्ट्रीय आयोजन है जिसमें बड़ी संख्या में विदेशी कलाकार व पर्यटक शामिल होते हैं और तानसेन समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री अनेक बार शामिल होते रहे हैं।
तानसेन संगीत समारोह की शुुुुरुआत 24 दिसंबर को गमक से होने जा रही है। समारोह में 25 दिसंबर को तानसेन की समाधि स्थल हजीरा पर होने वाली मुख्य सभा में तानसेन अलंकरण के साथ राजा मानसिंह तोमर राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया जाएगा। 4 दिन तानसेन समाधि, एक दिन बेहट और एक दिन गूजरी महल म्यूजियम में संगीत सभा होगी। समारोह में कुल 9 संगीत सभाएं होंगी। इन संगीत सभा की शुरुआत स्थानीय संगीत संस्थानों के गायन से होगी। समारोह के लिए स्थानीय कॉलेज
यूनिवर्सिटी का क्रम तय हो गया है। इस बार भी तानसेन समारोह का शुभारंभ माधव म्यूजिक कॉलेज के गायन से होगा, लेकिन गूजरी महल में 29 दिसंबर की शाम को होने वाली संगीत सभा का समापन ध्रुपद केंद्र भोपाल की प्रस्तुति के साथ होगा। सभा में ज्यादा शहरवासियों की संख्या बढ़ सके, इसे देखते हुए स्थानीय शिक्षण संस्थानों को हर सभा में प्रस्तुति का अवसर दिया गया है