महायुति गठबंधन में फिलहाल इस बात पर माथापच्ची हो रही है. एकनाथ शिंदे भाजपा नेताओं के साथ बैठक कर चुके हैं. लेकिन सूत्र बताते हैं कि बैठक में बात ज्यादा साफ रूप से बन नहीं पाई है. बैठक के बाद शिंदे चैन से अपने गांव निकल गए हैं. शिंदे गांव तो चले गए लेकिन बीजेपी की बेचैनी बढ़ाकर गए. क्योंकि शिंदे को जब भी बड़ा फैसला लेना होता है तो वह अपने गांव निकल जाते हैं. यब बात उनके नेता खुद बता रहे हैं.
शिवसेना नेता शिरसाट ने कहा, “जब शिंदे को कोई बड़ा फैसला लेना होता है, तो वह अपने पैतृक गांव जाते हैं. शनिवार शाम तक वह बहुत बड़ा फैसला लेंगे.” उन्होंने कहा कि भाजपा ने संकेत दिया है कि वह अगले दो दिनों के भीतर अपने विधायक दल के नेता को अंतिम रूप दे देगी, जिससे सरकार गठन का रास्ता साफ हो जाएगा.
सूत्रों के अनुसार एकनाथ शिंदे ने भाजपा से अपने शिवसेना गुट के किसी अन्य नेता को उपमुख्यमंत्री पद देने के लिए कहा है. वह सरकार से पूरी तरह बाहर रहने पर भी विचार कर रहे हैं. हालांकि, भाजपा नई सरकार में उनके महत्व का हवाला देते हुए शिंदे को अलग होने देने को तैयार नहीं है. कथित तौर पर शिंदे को लगता है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद उपमुख्यमंत्री की भूमिका स्वीकार करना एक महत्वपूर्ण कदम होगा.