भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हमेशा से कांग्रेस के निशाने पर रह है अब 15 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस ने संघ विचाधारा से प्रेरित संगठनों संस्थाओं और व्यक्तियों पर शिकंजे की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है,हालांकि इसको लेकर कांग्रेस पर राष्ट्रवादी संगठन पर राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर काम करने के आरोप भी लग रहे हैं।इसके लिए सीएम कमलनाथ के भरोसेमंद अफसरों ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। सबसे पहले मप्र जन अभियान परिषद और माखनलाल यूनिवर्सिटी निशाने पर लेने की खबर है। कांग्रेस आरोप लगाती रही है कि दोनों ही संस्थाएं संघ भाजपा के लिए काम करतीं थीं।
उल्लेखनीय है कि म.प्र. जन अभियान परिषद् का पंजीयन म.प्र. सोसाइटी पंजीयन अधिनियम 1973 के अन्तर्गत दिनांक 04.07.1997 को पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह द्वारा किया गया था। लेकिन वो इसको एक्टिव नहीं कर पाए। 2001 में यह आरएसएस कार्यकर्ता और भाजपा नेता अनिल माधव दवे के हाथ में आ गई। श्री दवे ने इस संस्था का भरपूर उपयोग किया। हालात यह बने कि लोग आज भी मप्र जन अभियान परिषद को आरएसएस से संबद्ध संस्था मानते हैं। आज इस संस्था में 7 लाख वेतनभोगी कार्यकर्ता काम कर रहे हैं। ये कार्यकर्ता गांव से लेकर ब्लॉक स्तर तक उपस्थित थे। कांग्रेसियों का मानना है कि संस्था के सभी प्रमुख पदों पर भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोग बैठे हुए हैं।