मध्यप्रदेश में बसपा सुप्रीमो मायावती का चुनावी कार्यक्रम तय कर दिए गए सूत्रों के मुताबिक वे यहां 12 जनसभाएं करेंगी ।पार्टी ने उनका कार्यक्रम तय कर दिया है। सभाएं उन स्थानों पर रखी जा रही हैं जहां पार्टी को सीटें बढ़ने की उम्मीद और बसपा का खासा प्रभाव है।
मायावती 16 नवंबर से प्रदेश में दौरे शुरू करेंगी। 26 तक आठ स्थानों पर सभाएं लेंगी। इसमें एक-एक सभा भोपाल और जबलपुर में भी शामिल है। इसके अलावा रीवा और चंबल संभाग में तीन-तीन सभाएं हाेंगी। बसपा का इन क्षेत्रों में प्रभाव है। बताते चले कि बसपा अब तक 50 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।
दरअसल, मध्य प्रदेश में बसपा का आधार यूपी से सटे इलाकों में अच्छा खासा है। चंबल, बुंदेलखंड और बघेलखंड के क्षेत्र में बसपा की अच्छी खासी पकड़ है। कांग्रेस के साथ बसपा का न उतरना शिवराज के लिए अच्छे संकेत माने जा रहे हैं। बसपा का एकला चलो भाजपा के लिए भी नई चुनौती पेश करेगी। बीते तीन चुनावों पर गौर करें, तो कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा चुनाव होने का फायदा भाजपा को मिला है। 2013 में मध्यप्रदेश में बीएसपी ने 230 सीटों में से 227 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। बसपा यहां 6.42 फीसदी वोट के साथ चार सीटें जीतने में सफल रही थी। राज्य 75 से 80 सीटों पर बसपा प्रत्याशियों ने 10 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए थे, जबकि बीजेपी और कांग्रेस के बीच 8.4 फीसदी वोट शेयर का अंतर थाय़ बीजेपी को 165 सीटें और कांग्रेस को 58 सीटें मिली थीं।
इन क्षेत्रों में है बसपा का प्रभाव
मध्यप्रदेश के सुमावली, जौरा, वारासिवनी, सबलगढ़, दिमनी, अंबाह, मुरैना, भिंड, रामपुर बघेलान, सतना, रीवा, सेमारिया, महाराजपुर, पन्ना, देवतालाब, अशोकनगर, रेगांव, चित्रकूट, मैहर, अमरपाटन, नागौद, अटेर, लहार, कटंगी, जतारा, चुरहट, सिरमौर, त्यौंथर, चितरंगी, देवसर और सिंगरौली।