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यशोधरा राजे का ड्रीम प्रोजेक्ट हुआ अनाथ,आखिर कौन सुनेगा इन प्रतिभाशाली बेटियों की परेशानियां

प्रवीण दुबे

एक तरफ देश प्रदेश की सरकारें बहन बेटियों के जीवन स्तर को सुधारने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहीं वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार और  अकर्मण्यता में डूबा सरकारी तंत्र बेटियों को उपलब्ध तमाम सुविधाओं को व्यक्तिगत स्वार्थो के चलते पलीता लगा रहा है और इस कारण बहन बेटियां नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।

हम बात कर रहे हैं  मध्यप्रदेश की पूर्व खेल मंत्री वरिष्ठ भाजपा नेता यशोधरा राजे सिंधिया के विशेष प्रयासों से शिवपुरी में स्थापित देश की पहली शासकीय महिला क्रिकेट एकेडमी की। जबसे यशोधरा राजे ने सक्रीय राजनीती से किनारा किया है तबसे देश की पहली शासकीय महिला क्रिकेट एकेडमी और यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बेटियां जैसे अनाथ हो गई हैँ। दुर्दशा इतनी ज्यादा कि यहां रहना खाना खेलना सब कुछ दूभर हो चुका है।

एकेडमी में तमाम अव्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार DSO का अब लगातार बेहद ही गिरा हुआ और गैर जिम्मेदाराना रवैया सामने आ रहा है।

अकादमी में खिलाड़ियों के लिए बनाए गए खेल के मैदान को आए दिन निजी लोगों को किराए पर देकर उगाही की जा रही है।

इस कारण एकेडमी की बेटियों को प्रैक्टिस के लिए ग्राउंड नहीं मिल पाता।
खिलाड़ियों को सरकार अच्छी डाइट मंजूर कर पैसा देती है, लेकिन बेटियों को बेहद घटिया खाना परोसा जाता है।

 

 

यह देश की पहली शासकीय महिला क्रिकेट एकेडमी है, यही वजह है पुरे देश से क्रिकेट की प्रतिभाशाली बेटियां यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने आती हैं. दर्जनों बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करके देश का नाम रोशन किया है इतना होने के बावजूद ये बेटियां एकेडमी की दुर्दशा से तनाव में हैं जिसका असर उनके खेल पर भी पड़ रहा है।

बाथरूम में पानी का संकट, जेट – फ्लश, टोंटियां महीनों से टूटी पड़ी हैं । भीषड़ गंदगी से खिलाड़ी बेटियां परेशान।
दोनों वाशिंग मशीनें लंबे समय खराब होने से बंद पड़ीं हैं। बेटियां सुबह से रात तक मैदान में पसीना बहाती हैं। दोनों टाइम ग्राउंड से आने के बाद कपड़े धोने के लिए होना पड़ रहा परेशान।
बेटियों द्वारा ऑफिस में शिकायत करने पर ऐसे कामों के लिए भी भोपाल से मैकेनिक आने के नाम पर टाल देते हैं।

एकेडमी की बेटियों का परिश्रम, देश भर में छाईं

शिवपुरी स्थित म.प्र. राज्य महिला क्रिकेट अकादमी की तीन खिलाड़ियों का चयन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा आयोजित महिला सीनियर चैलेंजर्स ट्रॉफी के लिए हुआ । यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 5 जनवरी 2025 से चेन्नई में आयोजित किया गया था।

एकेडमी में तमाम अव्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार DSO का अब लगातार बेहद ही गिरा हुआ और गैरजिम्मेदाराना रवैया सामने आ रहा है। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए बनाए गए खेल के मैदान को आए दिन निजी लोगों को किराए पर देकर उगाही कर रहा है। इस कारण एकेडमी की बेटियों को प्रैक्टिस के लिए ग्राउंड नहीं मिल पाता।

महिला अकादमी में यह सुविधायें  मye
राज्य सरकार के जरिये स्थापित महिला क्रिकेट अकादमी को आधुनिक सुविधाओं से लैस है. खेल विभाग के जरिये अकादमी में चयनित खिलाड़ियों को शिक्षा, आवास, भोजन, प्रशिक्षण किट की सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं.  दुर्भाग्य अब यें सुविधायें अव्यस्था का शिकार बन गई हैं।

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