शनिवार रात 10 बजे से ही शहर के बाजार बंद होना शुरू हो गए थे। पुलिस ने भी सख्ती बरती थी, लेकिन सुबह होते-होते माहौल एक दम बदल गया है। 9 महीने बाद रविवार को ग्वालियर में लॉकडाउन की घोषण की थी, लेकिन रविवार को होलिका दहन होने के चलते लॉकडाउन का मिला जुला असर रहा है। सुबह-सुबह कुछ बाजार पूरी तरह बंद रहे, लेकिन मुरार, हजीरा, किलागेट के बाजारों में त्यौहार की खरीदारी करने लोग बाजारों में घूम रहे हैं। कई बाजारों में बिल्कुल भी सख्ती नहीं है। सड़कों पर भी आम दिनों की तरह तो नहीं, लेकिन टेंपो और ऑटो दौड़ते नजर आ रहे हैं। ऐसा ही चला तो लॉकडाउन का क्या मतलब रहेगा और कैसे कोरोना संक्रमण की रोकथाम की जा सकेगी।
केवल सांकेतिक होली दहन
जिला प्रशासन ने लॉकडाउन लगाने के बाद शनिवार रात घोषणा की थी कि होली और शब ए बारात के त्यौहार सांकेतिक रूप से मनाए जाएंगे। साथ ही त्यौहार को देखते हुए सख्ती में मामूली छूट दी थी, लेकिन स्पष्ट रूप से कहा था कि होलिका दहन के समय भीड़ एकत्रित न की जाए।
शाम को दिखेगा पूर्ण लॉकडाउन
जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने रविवार सुबह से इसलिए सख्ती नहीं की है कि जो लोग खरीदारी करने से रह गए हैं वह अपने सारे इंतजाम कर लें। पुलिस अफसर कह रहे हैं कि दोपहर 3 बजे के बाद सड़कों और बाजारों में सख्ती शुरू कर दी जाएगी। शाम को बाजारों और शहर की सड़कों पर पूर्ण लॉकडाउन दिखाई देगा।