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वरिष्ठ पत्रकार हरिमोहन शर्मा को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार 10 अन्य श्रेणियों में भी श्रेष्ठ पत्रकारों को दिए गए नारद सम्मान

राष्ट्रहित सर्वोपरि हो, तभी सार्थक होगी पत्रकारिता : डॉ. गौरव वल्लभ

-आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती पत्रकारिता सम्मान एवं संवाद समारोह आयोजित
ग्वालियर 17 मई 2026/देवर्षि नारद आज होते तो समाचारों में राष्ट्रहित सर्वोपरि होता। उनकी खबरें सबसे तेज नहीं, सबसे प्रमाणिक होतीं। आज जरूरत ऐसी पत्रकारिता की है जिसमें राष्ट्रहित सर्वोपरि हो।
यह बात प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य डॉ. गौरव वल्लभ ने आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती पत्रकारिता सम्मान एवं संवाद समारोह में मुख्य वक्ता की आसंदी से कही। मामा माणिकचंद वाजपेयी स्मृति सेवा न्यास द्वारा रविवार को बाल भवन में देवर्षि नारद की पत्रकारिता में वैश्विक समस्याओं का समाधान पर विषय पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य थे, जबकि अध्यक्षता मामा माणिकचंद वाजपेयी स्मृति सेवा न्यास के सचिव एवं अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश शुक्ला ने की। कार्यक्रम संयोजक दीपक तोमर तथा चयन समिति के अध्यक्ष अभिषेक शर्मा भी मंचासीन रहे।

 

मुख्य वक्ता डॉ. गौरव वल्लभ ने कहा कि देवर्षि नारद जी इस युग में होते तो सबसे तेज खबर नहीं देते, बल्कि सबसे प्रामाणिक खबर देते। नारद जी कभी सूत्रों के अनुसार खबर देकर जिम्मेदारी ने नहीं बचते, बल्कि खबर की जिम्मेदारी लेते। वे सोशल मीडिया की टॉक्सेसिटी को खत्म करते। आज उनकी पत्रकारिता के मूल्य पहले से ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं।

उन्होंने देवर्षि नारद जी की खबरों के फ्रेमवर्क पर भी बात की। यह फ्रेमवर्क उनके नाम के अनुसार तैयार किया। एन का मतलब नेशन फस्र्ट जर्नलिज्म यानि राष्ट्रहित सर्वोपरि हो। ए का मतलब एकाउंटबिलिटी विथ ऑथेंटिसिटी यानि जवाबदेही के साथ प्रमाणिकता। उनका कहना था कि खबर प्रमाणिक हो और उसमें जवाबदेही भी तय हो। आर मतलब रिस्पांसिबल डायलॉग यानि जिम्मेदारी से भरा संवाद। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जरूरी है, लेकन नकारात्मकता की जरूरत नहीं है। ए का मतलब अवेयरनेस अगेंस्ट एजेंडा यानि एजेंडा लेकर चलने वालों के प्रति जागरूक रहना। वह एजेंडा लेकर चलने वालों का सही चित्रण करते। नारद जी अपने समाचारों में इंजीनियर, वैज्ञानिक, इतिहासकार, चिकित्सक जैसे पेशे में रहने वाले लोगों का साक्षात्कार करते और उन्हें रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत करते। पत्रकारिता का उद्देश्य समाज को भ्रमित करना नहीं, जागरूक करना होना चाहिए। उन्होंने फ्रेमवर्क के डी शब्द को स्पष्ट करते हुए कहा कि डेवलपमेंट ऑरिएंटेड कम्युनिकेशन यानि विकासोन्मुख संवाद। पत्रकारिता में विकासोन्मुख संवाद होना चाहिए। आज ऐसी पत्रकारिता की जरूरत है जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखे। कार्यक्रम के प्रारंभ में दीप प्रज्वलन मंत्र रितिका प्रजापति एवं राजा मानसिंह संगीत विश्वविद्यालय की छात्राओं ने मनोहारी गणेश वंदना प्रस्तुत की। अतिथियों का परिचय वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण दुबे ने दिया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए संयोजक दीपक तोमर ने कहा कि मामाजी ने पत्रकारिता को प्रोफेशन नहीं मिशन माना था। वह निर्भीक रूप से अपनी बात लोगों तक पहुंचाते थे। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम सह संयोजकगण जोगेन्द्र सेन, सुनील पाठक, विनोद गुप्ता के अलावा बृजमोहन शर्मा, रवि उपाध्याय, गोपाल गुप्ता, राकेश वर्मा, शुभम चौधरी, मनीष मांझी ने किया। कार्यक्रम में चयन समिति के अभिषेक शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्ल नायक, चंद्रवेश पाण्डे और बलराम सोनी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन बलराम सोनी ने एवं आभार डॉ.नरेश त्यागी ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ग्वालियर विभाग के सह कार्यवाह मुनेंद्र कुशवाह, विभाग प्रचार प्रमुख डॉ.निशांत शर्मा, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत प्रचार प्रमुख दीपक भार्गव, एमिटी यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ.राजेश तोमर, वरिष्ठ पत्रकार डॉ.सुरेश सम्राट, डॉ.केशव पांडे, आशीष भटनागर, सुरेश शर्मा, सुरेश दंडोतिया, रविंद्र झारखरिया, देव श्रीमाली, दिनेश चाकणकर, राजीव अग्रवाल, डॉ.विमलेंद्र सिंह राठौर, धर्मेद्र त्रिवेदी, विनोद शर्मा, नासिर गौरी, करण मिश्रा, राजलखन सिंह, हरपाल सिंह, दीपक सोनी, अशोक चौहान, राम मोहन वर्मा, नारायण पिरोनिया, विकास सेन, भुवन भास्कर पाठक, मुकुंद पाठक, गिरीश पाल आदि उपस्थित थे।

नारद जी ने कभी मर्यादा नहीं लांघी : आचार्य

मुख्य अतिथि जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य ने देवर्षि नारद जी के व्यक्तित्व को लेकर कहा कि वह नारायण में रमे रहते थे, लेकिन उन्होंने अपनी मर्यादाएं कभी नहीं लांघी। वह 14 लोकों में प्रवास करते थे, उनकी गति इंटरनेट की गति जैसी ही होती होगी। वह क्षीर सागर में भगवान विष्णु के दरबार में भी जाते थे और मृत्युलोक में गरीब के घर में भी। नारद की भूमिका में हम यहां खड़े हैं, आज निष्पक्ष लेखनी समाज को दिशा देने का काम कर सकती है।

पत्रकार समाजहित में अपनी भूमिका निभाएं: शुक्ला

मामा माणिकचंद वाजपेयी स्मृति सेवा न्यास के सचिव राजेश शुक्ला ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि उन्हें मामा माणिकचंद वाजपेयी जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। जब राष्ट्रवादी पत्रकारिता करना कठिन था तब उन्होंने वह काम किया। वह एक बार स्तंभ लिखने बैठते थे तो उसे पूरा करके ही उठते थे। इसके साथ ही वह सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहते थे। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की कलम में वह ताकत होती है जो किसी भी विसंगति को दूर कर सकती है। पत्रकार समाजहित में अपनी भूमिका निभाएं, समय पर अवगत कराएं और उत्तरदायित्व का निर्वहन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा- सम्मान से बढ़ेगी जिम्मेदारी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का वीडियो संदेश भी सुनाया गया। जिसमें उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद जी के मानकों के अनुसार पत्रकारिता की महती आवश्यकता है। आज जो 11 चयनित पत्रकार सम्मानित हो रहे हैं, इस सम्मान से उनका दायित्व और बढ़ गया है।

इनका हुआ सम्मान

लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार वरिष्ठ पत्रकार हरिमोहन शर्मा, श्रेष्ठ प्रवासी सम्मान स्वदेश भोपाल के उमेश सिंह, वरिष्ठ पत्रकार सम्मान दैनिक भास्कर के संजय बौहरे, बेस्ट आउटपुट सम्मान दैनिक भास्कर के नरेंद्र सिंह कुशवाह, श्रेष्ठ युवा पत्रकार सम्मान नई दुनिया के प्रियंक शर्मा, राज एक्सप्रेस के मनीष शर्मा, श्रेष्ठ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रिपोर्टर राज दुबे, श्रेष्ठ वीडियो जर्नलिस्ट हेमसिंह कुशवाह, श्रेष्ठ आंचलिक सम्मान नई दुनिया के भरत शर्मा, श्रेष्ठ फोटो जर्नलिस्ट आचरण के मुकेश बाथम, वेबपोर्टल मीडिया सम्मान संदीप ओझा एवं श्रेष्ठ महिला पत्रकार सम्मान गंूज मीडिया हाउस की अनुभवी शर्मा को दिया गया।

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