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विजय दिवस पर सीसुब अकादमी टेकरपुर में खुला मंच का आयोजन, अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

सैनिकों के शौर्य और साहस को देखकर कोई देश भारत की ओर आंख उठाकर नहीं देख सकता: शर्मा

-आज ही के दिन भारत के वीरों ने पाकिस्तान को चटाई थी धूल
-पूर्वी पाकिस्तान को कराया था मुक्त, पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों ने भारत के सामने किया था आत्मसमर्पण
ग्वालियर। भारतीय सैनिकों के शौर्य और साहस को देखकर कोई भी देश भारत की ओर आंख उठाकर नहीं देख सकता है और ना ही सीमाओं को छूने का दुस्साहस कर सकता है। राष्ट्र का कर्तव्य है कि शहीदों का समुचित सम्मान करें।
यह बात सेवा निवृत्त ले.जनरल एवं एमिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति वीके शर्मा ने विजय दिवस के उपलक्ष्य में सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर में खुला मंच आयोजन में मुख्य अतिथि की आसंदी से कही। उन्होंने भारत पाक युद्ध एवं इसमें बीएसएफ की भूमिका तथा उसके परिणाम स्वरूप बांग्लादेश के उदय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय सेना ने वीरता का परिचय देते हुए 13 दिन में पाकिस्तानी सेना को धूल चटाई थी। मजबूरन दुश्मन देश के 93 हजार सैनिकों को आत्मसर्पण करना पड़ा। श्री शर्मा ने नागरिकों द्वारा हर वर्ष विजय दिवस के उपलक्ष्य में 16 दिसंबर को अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देने की परिपाटी की सराहना करते हुए कहा कि इससे राष्ट्र की सुरक्षा में खड़े सिपाहियों के हौसले बुलंद होते हैं।
इस अवसर पर सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर के संयुक्त निदेशक, विशिष्ट
सेवा मेडल जितेन्दर सिंह ऑबेरॉय ने नागरिक परिषद के सदस्यों एवं सीमा सुरक्षा बल परिवार के कार्मिकों का स्वागत किया। 1971 के भारत-पाक युद्ध के अमर शहीदों को नमन करते हुए उन्होंने कर्तव्य की बलिवेदी पर अपने रक्त से अभिषेक करने वाले सीमा प्रहरियों की वीर गाथा को सदैव जाग्रत रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों एवं नागरिक परिषद के सदस्यों ने अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। उल्लेखनीय है कि सीमा सुरक्षा बल अकादमी प्रतिवर्ष 16 दिसंबर को विजय दिवस के रूप मेें मनाता है। इस दिन स्व.आरके वाधवा, सहायक कमांडेंट सीमा सुरक्षा बल के महावीर चक्र विजेता तथा सीमा सुरक्षा बल के उन अधिकारियों व अन्य कार्मिकों के सर्वोच्च बलिदान व अमूल्य योगदान को याद किया जाता है, जिन्होंने 1971 में भारत पाकिस्तान युद्ध में अहम भूमिका निभाकर बांग्लादेश को आजाद कराया।
इस मौके पर सीमा सुरक्षा बल के महानिरीक्षक संजय सिंह गहलोत, स्पोटर््स डायरेक्टर डॉ.राजेन्द्र सिंह, डॉ.नामधारी, डॉ.डीएस ठाकुर सहित वरिष्ठ आधिकारी एवं नागरिक परिषद के सदस्य उपस्थित थे।

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